गाजियाबाद से नोएडा का सफर फिर हुआ आसान, मेट्रो निर्माण के कारण बंद पड़ा ये रोड फिर खुला

Ghaziabad News: गाजियाबाद को नोएडा से जोड़ने वाली अहम सड़क एनएच-9 को अब स्थानीय प्रशासन ने खो दिया है, क्योंकि अब मेट्रो का पिलर स्ट्रक्चर पूरी तरह से तैयार हो चुका है. इससे वहां रोजाना ट्रैवल करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है.

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मुख्य बिंदु:

  • बड़ा अपडेट: नोएडा और इंदिरापुरम को जोड़ने वाले NH-9 कट को फिर से खोला जा रहा है।
  • सफर में फायदा: 4 km का एक्स्ट्रा चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे रोजाना आने-जाने में 30 मिनट तक की बचत होगी.
  • मेट्रो की मौजूदा स्थिति: हाईवे के ऊपरहेवी सिविल पिलर का काम पूरा हो चुका है, सिर्फ ट्रैक और सिग्नलिंग सिस्टम का काम बाकी है.
  • इन इलाकों को होगा फायदा नोएडा सेक्टर-62, इंदिरापुरम, वसुंधरा और CISF रोड.

NH-9 Link Between Noida and Indirapuram Reopens: नोएडा और गाजियाबाद के बीच रोजाना या अक्सर ट्रैवल करने वालों के लिए अच्छी खबर है. स्थानीय अधिकारियों ने NH-9 पर नोएडा सेक्टर 62 को इंदिरापुरम से जोड़ने वाले अहम रास्ते को फिर से खोल दिया है. मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण कार्य के कारण ये रास्ता कई महीनों से बंद था, लेकिन अब कंस्ट्रक्शन वर्क तकरीबन पूरा हो चुका है

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एलिवेटेड सेक्शन का काम पूरा

इंजीनियर्स की तरफ से हाईवे पर मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए जरूरी पिलर और एलिवेटेड सेक्शन लगाने जैसे सबसे अहम स्ट्रक्चरल वर्क पूरे करने के बाद इसे फिर से खोला गया है. इन बड़े कामों के पूरा होने के बाद, अब इस कॉरिडोर से ट्रैफिक फिर से आसानी से आ-जा सकेगा, इससे आम लोगों का वक्त और ईंधन बचेगा.

4 KM की बढ़ गई थी दूरी

रास्ता बंद रहने के दौरान, नोएडा से इंदिरापुरम जाने वाले लोगों को पुश्ता रोड, अहिंसा खंड-2 और सीआईएसएफ रोड जैसे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ता था. इस डायवर्जन की वजह से सफर में तकरीबन 4 किलोमीटर की दूरी बढ़ जाती थी और पीक आवर्स के दौरान ट्रैवल टाइम अक्सर आधा घंटा तक बढ़ जाता था.

सफर हुआ आसान

अब जब सीधा रास्ता फिर से खुल गया है, तो लोग इन दोनों जगहों के बीच फिर से कुछ ही मिनटों में यात्रा कर सकेंगे. ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को जंक्शन के पास तैनात किया गया है ताकि गाड़ियों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके और फिर से खुलने के शुरुआती दौर में सब कुछ सुचारू रूप से चले.

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मेट्रो का ट्रैक बिछाना बाकी

प्रोजेक्ट के अधिकारियों ने बताया कि बिजी NH-9 स्ट्रेच के ऊपर निर्माण कार्य मेट्रो विस्तार के सबसे चैलेंजिंग हिस्सों में से एक था. एलिवेटेड स्ट्रक्चर के तैयार हो जाने के बाद, अब काम ट्रैक बिछाने, सिग्नलिंग सिस्टम और स्टेशन के विकास की तरफ बढ़ेगा.

लोकल बिजनेस को होगा फायदा

इस रास्ते के फिर से खुलने से लोकल बिजनेस और प्रॉपर्टी मार्केट को भी फायदा होने की उम्मीद है. इंदिरापुरम, वसुंधरा और वैशाली जैसे रिहायशी इलाकों में घर खरीदारों की दिलचस्पी फिर से बढ़ने की संभावना है, जबकि हाईवे के दोनों ओर मौजूद दुकानों, शोरूम और कमर्शियल जगहों में कनेक्टिविटी बहाल होने से ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद है.

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बड़े फायदे

  • घूमकर नहीं जाना होगा: ड्राइवरों को तकरीबन 4 किलोमीटर ज्यादा सफर करना पड़ता था. उन्हें पुश्ता रोड, अहिंसा खंड-2 और CISF रोड जैसे भीड़-भाड़ वाले लोकल रास्तों से गुजरना होता था.
  • वक्त बचेगा: लंबे रास्ते की वजह से सुबह और शाम के पीक ऑफिस आवर्स में सफर में 25 से 30 मिनट ज़्यादा लगते थे.
  • बड़ी राहत: अब कट खुलने से गाड़ियां सीधे हाईवे से गुजर सकती हैं. इससे दोनों पड़ोसी शहरों के बीच 2 मिनट का आसान और सीधा कनेक्शन फिर से बहाल हो गया है.
  • मेट्रो की सुविधा जल्द: अब मेट्रो जल्द तैयार होने की उम्मीद है, इससे आसापास के इलाकों के लोगों का सफर आसान हो जाएगा.
  • बिजनेस को फायदा: मेट्रो बनने से आसपास के प्रॉपर्टी के रेट्स बढ़ सकते हैं, साथ ही लोकल बिसनेस को भी बड़ा फायदा मिल सकता है.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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