ग्रेटर नोएडा वेस्ट में AOA बनी 'अथॉरिटी', विरोध करने पर निवासियों पर ठोका जुर्माना

Uttar Pradesh Greater Noida : ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक सोसायटी में इन दिनों एओए और निवासियों के बीच लड़ाई चल रही है। बताया जा रहा है कि एओए के फैसले का विरोध करने पर 13 निवासियों पर जुर्माना लगाया गया है। निवासियों ने एओए की कार्रवाई का विरोध करते हुए मामले की शिकायत मेरठ डिप्टी रजिस्ट्रार से की है।

White orchid society

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Uttar Pradesh Greater Noida (जुनेद अख्तर) : ग्रेटर नोएडा वेस्ट की व्हाइट ऑर्चिड सोसायटी (White Orchid Society) में चौंका देने वाला सामने आया है। इस सोसायटी में निवासियों और अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) के बीच ठन गई है। निवासियों का आरोप है कि एओए मनमाने ढंग से काम कर रही है। बेवजह निवासियों को परेशान किया जा रहा है। आरोप है कि मौजूदा एओए ने किड्स प्ले एरिया में सामान फेंकने और चुनाव के खिलाफ आवाज उठाने पर कई लोगों पर जुर्माना लगाया है। जिससे सोसायटी के लोगों में गुस्सा है।

13 लोगों पर लगाया जुर्माना

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सोसायटी के लोगों का कहना है कि सीनियर सिटीजन के बैठने की जगह पर किड्स प्ले एरिया बना दिया गया था। इसका विरोध करने पर एओए ने 16 लोगों पर 1 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही 13 लोगों पर 5 लाख 58 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सुमित कुमार शर्मा ने बताया कि मौजूदा एओए मनमाने तरीके से निवासियों पर जुर्माना लगा रही है। टावर-2 के अंदर खाली जगह है। वहां सीनियर सिटीजन के बैठने की व्यवस्था है। एओए ने ऑनलाइन वोटिंग कराकर जबरन इसे बच्चों का खेल क्षेत्र बना दिया। निवासियों ने इसका विरोध किया और बच्चों के खेल क्षेत्र से सामान हटा दिया।

मेरठ डिप्टी रजिस्ट्रार से की शिकायत

अब निवासी अमित शर्मा, सौरभ गुप्ता, अमित प्रभाकर, सतेंद्र, अरुण गौड़, पूनम शर्मा और नीरज कुमार शर्मा ने एओए की मनमानी की शिकायत मेरठ डिप्टी रजिस्ट्रार से की है। इसके बाद एओए ने 16 निवासियों पर 1 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कहा कि हमने सामान तोड़ा है। इसमें कई ऐसे नाम हैं, जो सामान हटाने में शामिल ही नहीं थे। एओए की अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने पर 13 लोगों पर रुपए का जुर्माना लगाया गया है। निवासियों का आरोप है कि एओए ने अपनी गलतियों पर पर्दा डालने के लिए ऐसा किया है।

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एओए के खिलाफ लड़ाई रहेगी जारी

सोसायटी में रहने वाले अमित का कहना है कि एओए पिछले काफी समय मनमाने ढंग से काम कर रही है। निवासियों ने कई बार एओए का विरोध किया है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। एओए अब बेवजह उन्हें परेशान कर रहा है। जिसके बाद उन्होंने एओए का रद्द कराने के लिए मेरठ डिप्टी रजिस्ट्रार से शिकायत की है। डिप्टी रजिस्ट्रार ने पूरे मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराने का आश्वासन दिया है।

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एओए को रद्द कराने की कोशिश

सोसायटी एओए के प्रवक्ता शंकर ठाकुर ने कहा कि परिसर में रहने वाले कुछ लोगों ने सोसायटी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। ऐसे में उन लोगों पर जुर्माना लगाया गया है, जिन्होंने गलत तरीके से एओए को रद्द कराने की कोशिश की और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। जिसके बाद उन पर जुर्माना लगाया गया है।

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एओए के पास जुर्माना लगाने का नहीं प्रावधान

जिला न्यायालय के वकील दीपक भाटी ने कहा कि यूपी अपार्टमेंट एक्ट में किसी भी एओए और आरडब्ल्यूए की ओर से संबंधित व्यक्ति पर जुर्माना लगाने का प्रावधान नहीं है। अगर एओए को किसी बात पर आपत्ति है तो उन्हें कोर्ट में जाकर अपनी बात रखनी चाहिए।

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