उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बड़ी खबर आई है। समाजवादी पार्टी 2027 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ेगा। इसके लिए दोनों पार्टियों के बीच सीट शेयरिंग का फॉर्मूला लगभग तय हो गया है। वहीं 200 सीटों पर चुनाव उम्मीदवारों के नाम भी फाइनल हो चुके हैं। यह जानकारी समाजवादी पार्टी के सूत्रों के हवाले से आई है। नई दिल्ली में 2 दिन पहले हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में सीट बंटवारे पर चर्चा हुई और अब दोनों दलों में बातचीत हो सकती है।

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चुनावी जीत की गारंटी पर शेयर होंगी सीटें

सूत्रों के अनुसार, सीट शेयरिंग के लिए इस बार कई पॉइंट पर फोकस किया जाएगा। पहले यह देखा जाएगा कि दोनों पार्टियां किस-किस सीट पर चुनाव लड़ना चाहती हैं। फिर यह देखा जाएगा कि किस सीट पर किस पार्टी का जनाधार मजबूत है और किसी सीट पर कौन-सी पार्टी चुनाव जीतने में सक्षम है। यानी इस बार जिस सीट पर जिस पार्टी का जनाधार मजबूत होगा, उसे ही वह सीट दी जाएगी। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो चुनाव में जीत की गारंटी ही सीट शेयरिंग का आधार होगी।

टिकट अलॉटमेंट के लिए भी नियम तय होंगे

सपा और कांग्रेस में तय हुआ है कि इस बार चुनाव लड़ने के लिए टिकट देने के भी कुछ नियम होंगे। टिकट के दावेदार को यह बताना होगा कि पिछले कुछ चुनाव में कितने वोट मिले? संबंधित विधानसभा क्षेत्र में जातीय समीकरण के हिसाब से टिकट के लिए उसकी उम्मीदवारी कितनी मजबूत है? चुनाव की घोषणा से पहले ही उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया जाएगा, ताकि उसे चुनाव की तैयारी और मनमुटाव दूर करने का मौका मिले और हर बार की तरह इसका चुनाव पर असर न पड़े।

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इस बार भितरघात खत्म करने पर फोकस

समाजवादी पार्टी ने इस बार फैसला किया है कि साल 2027 के चुनाव में भितरघात की संभावनाओं को पहले ही खत्म कर दिया जाएगा। भितरघात नहीं होगा तो सभी मिलकर चुनाव की तैयारी करेंगे और जीतेंगे। करीब 200 सीटों पर संभावित उम्मीदवारों के नाम फाइनल हो चुके हैं। जुलाई के पहले हफ्ते तक उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग शुरू हो जाएगी। उम्मीदवारों की जांच पड़ताल कराई जा रही है। लोकसभा चुनाव में हुई गलतियों को विधानसभा चुनाव में नहीं दोहराया जाएगा।