उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के थाना डौकी क्षेत्र के गांव कौलारा कलां में एक समाजसेवी द्वारा शराब के ठेके को बंद कराने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन उस समय सुर्खियों में आ गया, जब उनकी मासूम बेटी अंशिका आमरण अनशन पर बैठ गई। समाजसेवी बंटी सिकरवार पिछले 15 दिनों से गांव में चल रहे शराब के ठेके के खिलाफ धरने पर बैठे थे। जब उनकी तबीयत बिगड़ गई, तो उनकी जगह उनकी नन्ही बेटी अंशिका ने अनशन का मोर्चा संभाल लिया। उसने ऐलान किया कि जब तक ठेका बंद नहीं होगा, वह धूप में बैठकर अनशन जारी रखेगी। अंशिका की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, लेकिन प्रशासन ने फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

मौके पर पहुंची महिला आयोग अध्यक्ष

मामला तब गंभीर हुआ जब यह खबर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह तक पहुंची। वे खुद अंशिका से मिलने गांव पहुंचीं। उनके आगमन की खबर फैलते ही गांव की कई महिलाएं भी मौके पर इकट्ठा हो गईं।

ग्रामीणों को दिया आश्वासन

डॉ. बबीता सिंह ने अंशिका, उसके पिता बंटी सिकरवार, गांव की महिलाओं और अन्य ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के अंदर शराब का ठेका होने से पुरुष नशे की हालत में महिलाओं से अभद्रता और मारपीट करते हैं। इस पर डॉ. सिंह ने आश्वासन दिया कि उनकी शिकायत को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा और ठेके को गांव से बाहर शिफ्ट किया जाएगा। यह भी पढ़ें : नोएडा में NH-9 पर सड़क हादसे में महिला की मौत, लगा कई किलोमीटर लंबा जाम महिला आयोग अध्यक्ष के दौरे के बाद प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम फतेहाबाद अभय सिंह, एसीपी फतेहाबाद और आबकारी विभाग के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। डॉ. बबीता सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शराब के ठेके को गांव से बाहर स्थानांतरित किया जाए।