हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

10 केस, 22 मौत की सज़ा… 4 महीनों में क्राइम के खिलाफ यूपी के जज का ताबड़तोड़ एक्शन

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज ने महज 4 महीनों में 10 मामलों में 22 लोगों को मौत की सज़ा सुनाई है.

विज्ञापन
Credit: News24

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज इन दिनों काफी सुर्खियां बटोर रहे हैं. उन्होंने महज 4 महीनों में 10 मामलों में 22 लोगों को मौत की सज़ा सुनाई है. एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज रवि कुमार दिवाकर की अदालत अपने कड़े फैसलों के लिए जानी जाती है. उन्होंने 2022 में वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर के वीडियोग्राफी सर्वे कराने का ऑर्डर जारी किया था, जिससे वो काफी चर्चा में रहे.

ये भी पढ़ें: कौन हैं IPS आशुतोष मिश्रा? जिनकी मां की संदिग्ध हालत में हुई मौत; घर से कीमती जेवर भी गायब

कैसा रहा सफर?

46 साल के जज रवि कुमार लखनऊ के रहने वाले हैं. उनके पास BCom और LLM की डिग्री है. दिवाकर ने साल 2009 में आज़मगढ़ में एडिशनल सिविल जज के तौर पर अपना करियर शुरू किया था. इसके बाद मई 2015 में उन्हें सुल्तानपुर में सिविल जज और लगभग पांच महीने बाद जुडिशियल मजिस्ट्रेट के पद पर प्रमोट किया गया. नवंबर 2025 से जज दिवाकर मुजफ्फरनगर में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज के तौर पर काम कर रहे हैं.

विज्ञापन

किन मामलों में सुनाई मौत की सज़ा?

जज रवि दिवाकर ने 13 अगस्त को एक 12 साल पुराने मर्डर केस में चार लोगों को मौत की सज़ा सुनाई और 1.70 लाख का जुर्माना भी लगाया. रामवीर, राजीव, राहुल और हरेंद्र कुमार पर आरोप था कि वो 14 जुलाई 2014 को यूपी के शामली में पुरानी रंजिश के चलते हुए हमले में आरोपी कुमार के घर में घुसकर गोलीबारी कर रहे थे, जिसमें कुमार की मौत हो गई और भाई को गोली लगी. 12 अगस्त को जज दिवाकर ने 1999 में फिरौती के लिए लकड़ी व्यापारी की हत्या करने वाले व्यक्ति को मौत की सज़ा सुनाई. वहीं, 17 जुलाई को न्यायाधीश ने 2011 में किसान की हत्या करने वाले 4 आरोपियों को मौत का फरमान सुनाया.

जज ने सुनाया मौत का फरमान

6 जुलाई को जज दिवाकर ने 2010 के हत्या के मामले में पूर्व ग्राम प्रधान और उसके साथी को मौत की सज़ा सुनाई. 2 जुलाई को उन्होंने ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड मर्डर केस में एक आरोपी को फांसी की सज़ा दी. 20 जून को राजेंद्र सैनी की हत्या को रेयरेस्ट ऑफ रेयर कैटेगरी का केस मानते हुए दो लोगों को मौत का फरमान सुनाया. 30 मई को जज दिवाकर की कोर्ट ने 15 साल पुराने मां-बेटे के मर्डर केस में एक 50 साल के व्यक्ति को मौत की सज़ा दी. इससे पहले 28 अप्रैल को न्यायाधीश ने 2019 के मां और उसके तीन बेटों की हत्या के मामले में 3 लोगों को फांसी की सज़ा सुनाई.

विज्ञापन

ये भी पढ़ें: यूपी सरकार का बड़ा ऐलान, एनालॉग पनीर, क्रीम, घी सब पर लगा बैन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola