उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाकर 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय कर दिया गया है. ये फैसला किसानों की इनकम बढ़ाने और उन्हें उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाने के मकसद से लिया गया है. जानकारी के मुताबिक, इस बार MSP में 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है. पिछले साल गेहूं का MSP रुपये 2425 प्रति क्विंटल था, जिसे बढ़ाकर अब 2585 रुपये कर दिया गया है. इस बढ़ोतरी से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और उनकी लागत का बेहतर मुआवजा मिल सकेगा.

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क्या है योगी सरकार की तैयारी?

सरकार ने खरीद प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई एजेंसियों को शामिल किया है. इनमें फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI), राज्य खाद्य एवं रसद विभाग( State Department of Food and Logistics), मंडी परिषद समेत कई संस्थाएं शामिल हैं. इसके अलावा किसान उत्पादक संगठन (FPO) और कंपनियों को भी खरीद प्रक्रिया में शामिल होने की इजाजत दी गई है. किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था भी लागू की है. किसानों को गेहूं बेचने से पहले अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा. भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में DBT के जरिए किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी और बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी.

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एजेंसियां भी शामिल

यूपी सरकार ने गेहूं खरीद की पूरी तैयारी भी कर ली है. गेहूं खरीद अभियान 30 मार्च 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगा. इस दौरान प्रदेश के सभी जिलों में हजारों खरीद केंद्र बनाए जाएंगे ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो. खास बात ये है कि सरकार किसानों को एक्सट्रा फायदा देने के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल की राशि भी देगी. ये राशि सफाई, छंटाई और हैंडलिंग जैसे खर्चों के लिए दी जाएगी. इससे किसानों का कुल फायदा और बढ़ जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि MSP में यह बढ़ोतरी किसानों के लिए राहत भरी खबर है, क्योंकि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है. बीज, खाद, डीजल और मजदूरी महंगी होने की वजह से किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है. ऐसे में MSP में बढ़ोतरी से उन्हें कुछ राहत जरूर मिलेगी.

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