रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध ने एक बार फिर भयानक रूप ले लिया है. यूक्रेन की राजधानी कीव के पास स्थित बुचा जिले पर शनिवार को हुए भीषण रूसी हवाई हमले में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार को किए गए इस हमले से इलाके में भीषण आग भड़क उठी. स्थानीय क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख टिमुर टकाचेंको ने जानकारी दी कि आग इतनी तेजी से फैली कि इसने कई रिहायशी घरों और पास के एक रेस्तरां को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया. भीषण आग लगने के बाद 380 से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया गया. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रिहायशी इलाके में गोला-बारूद रखने को लेकर प्रशासनिक लापरवाही की जांच के आदेश दिए हैं.
US एयर फोर्स का C-17A प्लेन मॉस्को में लैंड, रूस-यूक्रेन वार के बीच वायरल वीडियो ने मचाई हलचल
टकाचेंको ने आगे बताया कि इस घातक बमबारी में कम से कम 50 रिहायशी इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं. मलबे और आग के कारण इलाके में भारी नुकसान दर्ज किया गया है. कीव और उसके आसपास के इलाकों में यह लगातार तीसरे दिन का हवाई हमला है. यूक्रेन पर रूस के पूर्ण हमले के साढ़े चार साल पूरे होने के बाद भी हमलों का सिलसिला थम नहीं रहा है. इन लगातार हो रहे हवाई हमलों ने यूक्रेनी राजधानी की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया है और आम नागरिकों की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो चुकी है.
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दिए जांच के आदेश
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने बताया कि बुचा के मायला गांव में स्थित एक गोदाम पर हमला हुआ, जिसके बाद वहां कई शक्तिशाली धमाके हुए. इस हमले की जद में बुजुर्गों और दिव्यांगों का एक केयर होम भी आ गया. जेलेंस्की ने साफ कहा कि नियमों के मुताबिक रिहायशी इलाकों के पास विस्फोटक या गोला-बारूद जमा नहीं किया जा सकता. अधिकारियों की कथित लापरवाही पर आपराधिक जांच शुरू कर दी गई है.
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
यूक्रेन के प्रधानमंत्री सेरगी कोरेत्स्की ने भी इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि युद्ध के पांचवें साल में भी एक ही गलती बार-बार दोहराना गंभीर लापरवाही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
नॉर्थ कोरिया ने रूस में क्यों भेजे 50000 सैनिक, क्या यूक्रेन के खिलाफ रची गई साजिश? साउथ कोरिया ने किया दावा