Young Boy Died After Blood Donation: देश में मेडिकल साइंस की दुनिया में खलबली मचाने वाला मामला सामने आया है। ब्लड डोनेट करने के बाद युवक की मौत हो गई। उसने 10 मिनट के अंदर दम तोड़ दिया। ब्लड डोनेट करने के बाद अचानक युवक के सीने में दर्द उठा और वह बेहोश हो गया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामला देखकर डॉक्टर्स भी हैरान हैं। उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि ऐसा कैसे हो गया? वहीं जब मौके पर ही युवक की जांच की गई तो उसकी मौत का कारण कार्डिएक अरेस्ट बताया गया, लेकिन डॉक्टर्स का कहना है कि ब्लड डोनेट करने से पहले युवक के मेडिकल टेस्ट किए गए थे और उसकी ECG रिपोर्ट नॉर्मल आई थी तो अचानक दिल का दौरा कैसे पड़ गया? यह भी पढ़ें:लाख कोशिश के बाद भी नहीं आती सही से नींद? तो अपनाएं 7 घरेलू नुस्खे

नीतेश ने कैंसर ग्रस्त नाना को दिया था ब्लड

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटना राजस्थान के जयपुर की है और पूरे शहर में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं यह मामला कहीं न कहीं ब्लड डोनेट करने वालों को चिंता में डाल सकता है। मृतक की पहचान गांव चाकसू निवासी 27 वर्षीय नीतेश कुमार गौतम के रूप में हुई है। नीतेश के 85 वर्षीय नाना सवाई मान सिंह अस्पताल में रेडियोथेरेपी वार्ड में भर्ती हैं। उन्हें कैंसर है और उन्हें ब्लड की जरूरत थी। नीतेश मंगलवार को उनसे मिलने के लिए पहुंचा तो डॉक्टरों ने बताया कि उसके नाना को ब्लड की जरूरत है तो उसने खुद ब्लड देने की इच्छा जताई। डॉक्टरों ने उसके मेडिकल टेस्ट करके ब्लड ले लिया, लेकिन ब्लड देकर बाहर आते ही नीतेश की तबीयत बिगड़ने लगी। अचानक तेज दर्द उठा और वह बेहोश होकर गिर गया। यह भी पढ़ें:हंसते-खेलते आदमी की एक गलती से मौत, कैंसर बता किया ऑपरेशन, बीमारी थी ही नहीं

परिजनों का ब्लड बैंक स्टाफ पर लापरवाही का आरोप

नीतेश की मौत होने की खबर मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। उन्हें यह पता था कि नीतेश नाना से मिलने आया है, लेकिन अस्पताल में जो हुआ, डॉक्टरों से जानने के बाद वे भड़क गए। उन्होंने अस्पताल के ब्लड बैंक स्टाफ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ भीमसिंह मीणा ने बताया कि नीतेश ने खुद ब्लड देने की इच्छा जताई थी। उसकी स्क्रीनिंग हुई थी और ECG रिपोर्ट भी नॉर्मल थी। रक्तदान के बाद उसने कॉपी पी। आराम करने के बाद ही उसे बाहर जाने दिया गया था। CCTV कैमरे लगे हैं, परिजन पूरा वाकया देख सकते हैं। हो सकता है नीतेश किसी तरह के मानसिक तनाव में हो। ब्लड डोनेशन का उसकी मौत होने से कोई कनेक्शन नहीं है। फिर भी उसके ब्लड सैंपल की जांच कराएंगे, जो रिपोर्ट सामने आएगी, वह परिजनों को दे दी जाएगी। यह भी पढ़ें:जबड़ा तोड़ दिमाग में पहुंच गया स्क्रू, ऑपरेशन टेबल पर मरीज को छोड़ भागा डॉक्टर