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Sukhdev Singh Gogamedi Murder Case: श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रमुख सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस ने बुधवार को गोगामेड़ी की पत्नी के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। इसमें आतंकवाद विरोधी कानून (यूएपीए) के साथ ही कई धाराएं लगाई गई हैं। एफआईआर में धारा 323, 341, 452, 307, 302, 34, 120-बी, 427, यूएपीए की 16, 18, 20 और आर्म्स एक्ट की 3, 25 (1-एए) और 27 जोड़ी गई हैं। इस मामले में संघर्ष समिति से हुए समझौते के बाद श्याम नगर एसएचओ को सस्पेंड कर दिया गया है। एसएचओ सुरक्षा मुहैया करने में विफल रहे थे।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत का भी जिक्र
गोगामेड़ी की पत्नी शीला शेखावत ने एफआईआर में कहा है कि गोगामेड़ी की हत्या को लेकर लगातार खतरा बना हुआ था। इसे लेकर पति ने डीजीपी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को 24 फरवरी, 1 मार्च और 25 मार्च 2023 को पत्र लिखा था। 14 मार्च को एटीएस ने भी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक इंटेलीजेंस को पत्र लिखकर बताया था कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी को मारने का षड्यंत्र किया जा रहा है। पंजाब पुलिस ने 14 फरवरी को महानिदेशक पुलिस राजस्थान को इसके बारे में सूचना दी थी। इतने इनपुट मिलने के बाद भी जानबूझकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत और डीजीपी ने पति को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई।
रोहित गोदारा ने ली है जिम्मेदारी
पत्नी का आरोप है कि आपराधिक षड्यंत्र में विदेश में बैठे लोगों का हाथ है। इस वजह से ही यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर रोहित गोदारा ने ली है। गोदारा के फेसबुक पोस्ट के अनुसार उसने गोगामेड़ी पर गैंग के काम में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया।
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पाकिस्तानी कनेक्शन
गोगामेड़ी की हत्या में पाकिस्तानी कनेक्शन होने की भी बात सामने आई है। 15 अगस्त 2018 को गोगामेड़ी ने करणी सेना के साथ श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया था। इसके बाद से ही वह टार्गेट पर थे। गोगामेड़ी की हत्या की जांच एनआईए करेगी। बुधवार को प्रदर्शन के बाद सुखदेव गोगामेड़ी हत्याकांड समिति की मांगें मान ली गईं। इसमें परिजनों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी के अलावा गवाहों को सुरक्षा देने जैसी मांगें शामिल हैं।