Sukhdev Singh Gogamedi Naveen Shekhawat Rohit Rathore Nitin Fauji: सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड की साजिश परत-दर-परत खुलती जा रही है। राजस्थान पुलिस ने गोगामेड़ी पर गोली चलाने वाले दो शूटर नितिन फौजी और रोहित राठौड़ को गिरफ्तार कर लिया है। इस बीच इस केस में नई जानकारी सामने आई है। दरअसल, गोगामेड़ी के घर मारे गए तीसरे आरोपी नवीन शेखावत ने ही रोहित राठौड़ और नितिन फौजी की एंट्री कराई थी। वैसे गोगामेड़ी के घर कड़ी सुरक्षा रहती है।
बिना जांच और जानकारी के उनके घर में घुसना संभव नहीं था, लेकिन सुखदेव नवीन को जानते थे, ऐसे में रोहित और नितिन की एंट्री कराना आसान हो गया। न्यूज 24 को पता चला है कि आरोपी नितिन और रोहित ने नवीन शेखावत को इसलिए ही अपने साथ मिलाया था क्योंकि वह सुखदेव को अच्छी तरह से जानता था। नवीन के जरिए ही दोनों शूटर बिना तलाशी दिए गोगामेड़ी के घर में घुसने में कामयाब हो गए। नवीन सुखदेव के पास एक सरकारी अधिकारी को किसी काम से फोन करवाने के सिलसिले में आया था।
इस तरह गई नवीन शेखावत की जान
दरअसल, रोहित राठौड़ और नितिन फौजी ने जैसे ही गोगामेड़ी पर फायरिंग शुरू की तो नवीन शेखावत घबरा गया। इस पर वह नितिन फौजी और रोहित राठौड़ को रोकने लगा। इसलिए दोनों ने नवीन को भी गोली मार दी थी।
कौन था नवीन शेखावत?
नवीन शेखावत शाहपुरा का रहने वाला था। उसका कपड़े का काम था। वह गोगामेड़ी से अक्सर मिलता-जुलता रहता था। रोहित गोदारा को जब पता चला कि उसकी जान-पहचान सुखदेव सिंह गोगामेड़ी से है और घर पर भी आना जाना है तो उसने इसका इस्तेमाल किया।
रोहित राठौड़ और नितिन फौजी ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए इसलिए काम किया ताकि दोनों गैंगस्टर्स की दुनिया में पहचान बना सकें। रोहित गोदारा ने दोनों को काम हो जाने के बाद विदेश में बुलाने का वादा किया गया था। दोनों को टोकन के तौर पर 50-50 हजार दिए गए थे। चंडीगढ़ के बाद ये गोवा जाने वाले थे, फिर वहां से दक्षिण भारत के किसी शहर में समय काटना था।
पासपोर्ट और वीजा का इंतजाम होना था
इन्हें कहा गया कि करीब 20 दिन उन्हें समय निकालना है। फिर पासपोर्ट और वीजा का इंतजाम होते ही विदेश बुलवा लिया जाता। रोहित रेप केस में भी जेल जा चुका है। उसे लगता था कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की वजह से ही उसे जेल हुई थी। जबकि नितिन फौजी नवम्बर में ही सेना से छुट्टी पर आया था। उस पर किडनेपिंग का एक मामला दर्ज था। हत्या करने के बाद इन्होंने फरारी काटने के लिए उधम सिंह का इस्तेमाल किया।