Surendra Pal Singh TT Resign: राजस्थान में एक मंत्री ने महज 10 दिनों के अंदर इस्तीफा दे दिया। राज्यमंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी ने श्री करणपुर विधानसभा चुनाव में हारने के बाद इस्तीफा सौंप दिया है। भजनलाल शर्मा के मंत्रिमंडल में शामिल टीटी ने राज्यपाल को इस्तीफा दे दिया। इसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार भी कर लिया गया है।

बीजेपी ने चुनाव से पहले ही मंत्री बनाकर चौंकाया

सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को श्री करणपुर चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी रुपिंदर सिंह कुन्नर ने शिकस्त थमाई। कुन्नर ने टीटी को लगभग 11 हजार वोटों से शिकस्त दी। इस हार के बाद सुरेंद्र पाल सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया है। बीजेपी ने सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को चुनाव लड़ने से पहले ही चौंका दिया था। इस मामले को लेकर कांग्रेस लगातार हमलावर थी। कांग्रेस ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से भी की थी। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सुरेंद्र पाल सिंह के इस्तीफे की पुष्टि की है। उन्होंने एक्स पर लिखा- ''करणपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र पाल सिंह टीटी जी ने जनादेश को सहर्ष स्वीकार करते हुए मंत्री पद से त्यागपत्र दिया। आप पुनः करणपुर विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों मे समर्पित रहेंगे।'' हालांकि बीजेपी का कहना था कि उन्होंने चुनाव आयोग से परामर्श लेकर ही ये फैसला लिया था। बता दें कि सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को भजनलाल शर्मा ने कृषि विपणन विभाग, कृषि सिंचित क्षेत्र विकास एवं जल उपयोगिता, इंदिरा गांधी नहर विभाग और अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग का स्वतंत्र प्रभार दिया था। हालांकि, ऐसा नियम नहीं है कि चुनाव हारने वाले प्रत्याशी मंत्री नहीं बन सकते। सुरेंद्र पाल को अगले 6 महीने में किसी दूसरी सीट से चुनाव जीतना होता। ऐसे में पार्टी के सामने धर्मसंकट खड़ा हो जाता।

अशोक गहलोत ने साधा निशाना 

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले में बीजेपी पर तंज कसा था। उन्होंने रुपिन्दर सिंह कुन्नर को जीत की बधाई देते हुए कहा कि यह जीत स्व. गुरमीत सिंह कुन्नर के जनसेवा कार्यों को समर्पित है। श्रीकरणपुर की जनता ने भारतीय जनता पार्टी के अभिमान को हराया है। चुनाव के बीच सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को मंत्री बनाकर आचार संहिता और नैतिकता की धज्जियां उड़ाने वाली भाजपा को जनता ने सबक सिखाया है। बता दें कि सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को पिछले विधानसभा चुनाव में भी हार का सामना करना पड़ा था। ये उनकी अपनी विधानसभा सीट से लगातार दूसरी हार है। इस बार गुरमीत सिंह कुन्नर के निधन के चलते चुनाव नहीं हुए थे। ये भी पढ़ें: ‘संस्कृत विद्यालय को तोड़कर बनाया गया ढाई दिन का झोंपड़ा…’, BJP सांसद ने छेड़ी नई बहस  ये भी पढ़ें: कौन हैं रुपिंदर सिंह कुन्नर, जिसने राजस्थान में भजनलाल सरकार के मंत्री को हराया ये भी पढ़ें: ‘सरकार मंत्री बना सकती है, विधायक नहीं’; भाजपा की हार पर कांग्रेस का रिएक्शन  ये भी पढ़ें: राजस्‍थान में सरकार बनने के 10 द‍िन बाद BJP को झटका ये भी पढ़ें: क्या अब भी मंत्री बने रहेंगे सुरेंद्र पाल? क्या कहता है नियम