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राजस्थान

बोर्ड परीक्षाओं में फेल होने पर भी नहीं खराब होगा पूरा साल, राजस्थान सरकार ने लागू की ये खास योजना

राजस्थान में अब बोर्ड परीक्षाओं में फेल होने वाले विद्यार्थियों का पूरा साल खराब नहीं होगा। सरकार ने फेल होने वाले स्टूडेंट्स के लिए खास कॉन्सेप्ट लागू करने का ऐलान किया है। स्टूडेंट्स को सरकार की ओर से जल्द एग्जाम देने का मौका दिया जाएगा। इस खास कॉन्सेप्ट के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।

Author Edited By : Parmod chaudhary Updated: Apr 5, 2025 08:46
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राजस्थान के विद्यार्थी अब 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में फेल होते हैं तो उनका पूरा साल बर्बाद नहीं जाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से अब ऐसे विद्यार्थियों के लिए ‘ऑन डिमांड एग्जाम कॉन्सेप्ट’ लागू करने का ऐलान किया गया है। इस कॉन्सेप्ट के तहत फेल होने वाले विद्यार्थियों को कुछ ही दिन में एग्जाम देने के लिए चांस दिया जाएगा। इसका नतीजा भी जल्द घोषित होगा। अगर फेल हुआ स्टूडेंट इसमें पास हो जाता है तो उसे अगली क्लास में प्रवेश का मौका दे दिया जाएगा।

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खास बात यह भी है कि स्टूडेंट्स को 1-2 नहीं, बल्कि 4 चांस मिलेंगे। इस कॉन्सेप्ट को सीएम स्तर से भी मंजूरी मिल गई है। माना जा रहा है कि शिक्षा विभाग 1 जुलाई से ‘ऑन डिमांड एग्जाम’ सिस्टम शुरू कर देगा। राजस्थान का स्टेट ओपन स्कूल भी इस पर काम कर रहा है। माना जा रहा है कि अगले हफ्ते तक इसको लेकर गाइडलाइन जारी हो सकती है। फेल होने वाले विद्यार्थी दोबारा एग्जाम देंगे। राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल और अन्य मान्यता प्राप्त 75 बोर्ड्स के फेल बच्चे इस कॉन्सेप्ट का लाभ उठा सकेंगे।

शर्तें होंगी लागू

इस कॉन्सेप्ट का लाभ सिर्फ 10वीं-12वीं के बच्चे उठा सकते हैं। इसके लिए कुछ शर्तें भी हैं कि स्टेट ओपन बोर्ड यह एग्जाम तभी लेगा, जब एक सब्जेक्ट में कम से कम 10 बच्चे शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक सिर्फ 3 ही शहरों में सेंटर बनाए जाएंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर, राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल जयपुर और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर में ही एग्जाम दिए जा सकते हैं।

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एक साथ होगी 50 बच्चों की परीक्षा

एक दिन में अधिकतम एक सब्जेक्ट के 50 विद्यार्थी पेपर दे सकेंगे। मान लीजिए कि 10वीं की अंग्रेजी की परीक्षा के लिए 100 बच्चों ने आवेदन किया है तो एक साथ 50 की परीक्षा होगी। 50 बच्चे अगले दिन पेपर दे सकेंगे। इसके बाबत शेड्यूल जारी किया जाएगा। बोर्ड ने निर्धारित किया है कि दूसरे बोर्ड्स के बच्चे अपने उत्तीर्ण विषयों में से 2 विषयों के प्राप्तांकों का क्रेडिट भी ट्रांसफर करवा सकते हैं। मान लीजिए किसी बच्चे ने 3 सब्जेक्ट पास किए हैं, 2 में फेल है। ऐसे में वह अपने पास सब्जेक्ट में 2 के नंबर ट्रांसफर करवा सकता है। यानी पास 2 सब्जेक्ट का पेपर दोबारा नहीं देना होगा।

अभी फीस निर्धारित नहीं

हर विषय के लिए 1 हजार सवालों का बैंक बनाया जाएगा। परीक्षा को लेकर प्रश्न पत्र तैयार किया जाएगा। परीक्षा के बाद विद्यार्थी अपने साथ पेपर और कॉपी लेकर घर नहीं जा सकेंगे। इन पेपरों को देने के लिए विद्यार्थी को निर्धारित शुल्क भी जमा करवाना होगा। अभी एग्जाम फीस निर्धारित नहीं की गई है। माना जा रहा है कि क्रेडिट ट्रांसफर के लिए हर विषय की 100 रुपये, रजिस्ट्रेशन और एक्स्ट्रा सब्जेक्ट के लिए 600 रुपये, प्रैक्टिकल के लिए 200 रुपये फीस निर्धारित की जा सकती है।

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Parmod chaudhary

First published on: Apr 05, 2025 08:46 AM

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