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Rajasthan Protem Speaker: कौन हैं कालीचरण सराफ? जिन्हें राजस्थान विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर बनाया गया

Kalicharan Saraf profile Rajasthan Protem Speaker Kalicharan Saraf: राजस्थान विधानसभा के लिए बीजेपी ने कालीचरण सराफ को प्रोटेम स्पीकर के रूप में चुना है। कालीचरण सात बार के विधायक रह चुके हैं और वह पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी माने जाते हैं।

Kalicharan Saraf profile Rajasthan Protem Speaker Kalicharan Saraf: राजस्थान में बीजेपी ने कालीचरण सराफ को प्रोटेम स्पीकर के रूप में चुना है। राज्यपाल कलराज मिश्र ने सोमवार को राजभवन में आयोजित समारोह में पूर्व मंत्री और वरिष्ठ विधायक कालीचरण सराफ को प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उप मुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा सहित अन्य विशिष्ट जन उपस्थित रहे।

वसुंंधरा राजे के मंत्रिमंडल में जगह बना चुके हैं कालीचरण

कालीचरण सराफ ने राजस्थान की मालवीय नगर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। उन्होंने कांग्रेस की उम्मीदवार अर्चना शर्मा को 35, 494 मतों से शिकस्त दी थी। बता दें कि उन्होंने इस सीट से तीन बार लगातार जीत दर्ज की है और लगातार कांग्रेस की उम्मीदवार अर्चाना शर्मा को हाराया। कालीचरण सराफ राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी माने जाते हैं और वह राजे मंत्रिमंडल में मंत्री रहे चुके हैं। वह राजस्थान के पूर्व चिकित्सा और स्वास्थ्य, चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं (ईएसआई), चिकित्सा शिक्षा, आयुर्वेद और भारतीय चिकित्सा पद्धति मंत्री रहे हैं।   कालीचरण सराफ ने चुनावी हलफनामे में अपनी संपत्ति 6 करोड़ 18 लाख 588 बताई थी, जबकि उनकी पत्नी अलका के पास 7 करोड़ 98 लाख 60 हजार 674 रुपए की प्रॉपर्टी है। कालीचरण ने राजस्थान से ही अपनी पढ़ाई की है। उन्होंने कॉमर्स कॉलेज से बी कॉम और राजस्थान यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई की। वह राजस्थान विश्वविद्यालय के अध्यक्ष थे।

जानिए किसे कहते हैं प्रोटेम स्पीकर

किसी भी राज्य के विधानसभा चुनाव के बाद विधानसभा की कार्यवाही के लिए अस्थायी अध्यक्ष चुना जाता है, जिसे प्रोटेम स्पीकर कहा जाता है। उन्हें राज्यपाल शब्द शपथ दिलाते हैं। प्रोटेम शब्द लैटिन भाषा के प्रोटैम्पोर से बना है जिसका अर्थ होता है 'कुछ समय के लिए'। जब तक स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक प्रोटेम स्पीकर विधानसभा के कामों का देखता है। आमतौर पर प्रोटेम स्पीकर उस शख्स को नियुक्त किया जाता है जो वरिष्ठ विधायक हो और कई बार विधायकी के चुनाव जीत चुका हो।

प्रोटेम स्पीकर के प्रमुख काम

प्रोटेम स्पीकर अस्थायी रूप से वे सभी कामों का करता है जो स्थायी स्पीकर करता है, लेकिन प्रोटेम स्पीकर अस्थायी रूप से चुना जाता है। प्रोटेम स्पीकर के कामों में नए विधायकों को शपथ दिलाना, स्थायी अध्यक्ष के लिए चुनाव कराने में मदद करना और विधानसभा की कार्यवाही संचालित करना आदि शामिल हैं। ये भी पढेंं: राजस्थान में चर्चा; मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं अनुभवी चेहरों के साथ चौंकाने वाले नाम ये भी पढेंं: आम चुनाव से पहले जाटों को साधने के लिए प्रदेश अध्यक्ष बदल सकती है भाजपा ये भी पढेंं: वसुंधरा राजे ने भजनलाल शर्मा के सिर पर रखा हाथ, CM की कुर्सी पर बिठाकर बांटी खुशी


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