Jaipur: किसान महोत्सव के समापन सत्र में बोले सीएम- 'कृषि और कृषकों को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई विभिन्न योजनाएं'
Edited By Rakesh Choudhary

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Jaipur: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने खेती और किसान को प्राथमिकता देते हुए नीतियां और कार्यक्रम बनाए हैं। कृषकों और पशुपालकों को समृद्ध और खुशहाल बनाना राज्य सरकार का ध्येय है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए 12 कृषि मिशन शुरू किए गए हैं और प्रत्येक बिन्दु पर योजना बनाकर कार्य किया जा रहा है।
गहलोत रविवार को तीन दिवसीय राजस्थान किसान महोत्सव के समापन सत्र को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों की तरक्की से ही प्रदेश की तरक्की होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों की ऋण माफी का वादा पूरा किया। 21 लाख किसानों का 15 हजार करोड़ रुपये का कर्जमाफ किया गया। गहलोत ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा दिए गए कर्ज की माफी के लिए भी केंद्र सरकार को पत्र लिखा, मगर इस दिशा में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कृषक कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। किसानों के लिए देश में पहली बार पृथक कृषि बजट पेश किया गया। कृषि का बजट 2018-19 की तुलना में लगभग दोगुना कर दिया गया है। गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को 90 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध करवाने तथा 2000 यूनिट तक निशुल्क बिजली देने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा 2 करोड़ रूपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। युवा उद्यमियों के लिए एमएसएमई एक्ट लाया गया है। इसमें उद्योग लगाने के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली जरूरी अनुमतियों में 5 वर्ष की छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में 60 कृषि महाविद्यालय हैं जिनमें से 42 महाविद्यालय पिछले साढ़े चार साल में खोले गए हैं।
गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने लंपी रोग से पीड़ित 40 हजार से अधिक पशुपालकों को 175 करोड़ रूपए की आर्थिक सहायता दी। ऐसा फैसला करने वाला राजस्थान देश का इकलौता राज्य है। उन्होंने कहा कि दो दुधारू पशुओं का 40-40 हजार रूपए का बीमा किया जा रहा है, दुग्ध उत्पादकों को दूध पर 5 रूपए प्रति लीटर अनुदान दिया जा रहा है।
अब राजस्थान दुग्ध उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर आ गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि राज्य का ब्रांड सरस भी अमूल की तर्ज पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाए।
इस अवसर पर आत्मा योजना के तहत कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में नवाचार करने वाले प्रगतिशील 10 किसानों एवं पशुपालकों को राज्य स्तरीय कृषक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रत्येक किसान को 50 हजार रूपए की राशि पुरस्कार स्वरूप दी गई। इनमें जयपुर जिले से रूकमा देवी, टोंक से भूरी देवी मीणा, बाड़मेर से धर्माराम, डूंगरपुर से श्री नारायण, भीलवाड़ा से कमला देवी, श्रीगंगानगर से पुनीत चौधरी, जैसलमेर से खुशालाराम, राजसमंद से बालूसिंह, धौलपुर से नीरज कुमार त्यागी तथा टोंक से भरत राम शामिल रहे।
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