---विज्ञापन---

बाड़ेबंदी के आरोपों पर भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा की सफाई, बोले- जबरदस्ती कोई नहीं ले जा सकता

BJP MLA Kanwarlal Meena clarification: कंवरलाल मीणा ने बाड़ेबंदी की बात को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि किसी विधायक को जबरदस्ती कोई नहीं ले जा सकता है।

---खबर नीचे जारी है---

BJP MLA Kanwarlal Meena clarification: राजस्थान में सीएम पद को लेकर राजनीतिक गलियारों में चल रही अटकलों के बीच मामला सामने आने के बाद अंता विधायक कंवरलाल मीणा ने स्पष्टीकरण जारी किया है, राजस्थान में भाजपा के पांच विधायकों के मंगलवार को जयपुर के एक होटल में एक साथ ठहरने से बाड़ेबंदी की अटकलें तेज हो गई थी। इस दौरान न्यूज 24 से बातचीत करते हुए विधायक कंवर लाल मीणा ने बाड़ेबंदी जैसी किसी भी घटना से इंकार किया है।

बातचीत के दौरान कंवरलाल मीणा ने बताया कि मैं और ललित मीना दोनों ही नए नहीं है। हम विजय जुलूस में घूम रहे थे। संघ कार्यालय गए और जिला अध्यक्ष से मिले। उसके बाद अपनी मर्जी से हम जयपुर आए और हम होटल लेकर रुके। हालांकि, हमने वहां विधायक का परिचय नहीं दिया। उन्होंने आगे कहा कि बाड़ेबंदी की बात को सिरे से खारिज की जा सकती है, क्योंकि विधायक को जबरदस्ती कोई नहीं ले जा सकता है। बड़ा सवाल है हमारे क्षेत्र में हमारे लोगों को हम क्यों बाड़े बंदी में रखेंगे।

---खबर नीचे जारी है---

दुष्यंत सिंह हमारे सांसद हैं और आगे भी रहेंगे

कंवरलाल मीणा ने कहा कि वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह हमारे सांसद हैं और आगे भी रहेंगे। हमारे क्षेत्र से पहले वसुंधरा जी सांसद थी, मुख्यमंत्री रही हैं, उनका नाम जो घसीटा गया है, इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। हम अपनी मर्जी से आए और मर्जी से रह रहे थे। होटल में इसलिए रुके थे क्योंकि, आचार संहिता लगी थी और हम सर्किट हाउस में हम नहीं रुक सकते थे।

यह भी पढ़ें- क्या फिर राजस्थान की सीएम बनने जा रही हैं वसुंधरा राजे? समझे नड्डा से मुलाकात के सियासी मायने

---खबर नीचे जारी है---

इस दौरान उन्होंने पिता हेमराज मीणा के उनके विधायक बेटे ललित मीणा को जबरदस्ती रोके रखना और नहीं आने देने के सवाल पर कहा कि यह सही है कि 5 दिसंबर की रात को 30-35 लोग आए थे। हमने उन्हें रोका क्योंकि हम उनमें से किसी को नहीं पहचानते थे। एक विधायक को हम कैसे अज्ञात लोगों के साथ भेज सकते थे।

दुष्यंत और वसुंधरा जी का कोई लेना-देना नहीं

वहीं, क्या यह षड्यंत्र है के सवाल पर उन्होंने कहा कि दुष्यंत और वसुंधरा जी का इसमें कोई लेना-देना नहीं है, जहां तक मैं समझता हूं मैं भी मीणा हूं ललित भी मीना है। दोनों एक जगह से चुनाव लड़े हैं। एक ही जाति के दो लोगों को भाजपा नेतृत्व में टिकट दिया। मैं उनका आभारी हूं। उनके आदेश के पालन के अलावा कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने आगे कहा कि दुष्यंत सिंह उस वक्त संसद में थे क्योंकि, वह सांसद हैं। उनका मोबाइल लोकेशन निकाला जा सकता है। मेरी आज तक वसुंधरा या दुष्यंत जी से किसी भी संबंध में कोई बात इस दौरान नहीं हुई है।

---खबर नीचे जारी है---

मुख्यमंत्री कौन होगा के सवाल पर

सीएम के सवाल पर कंवरलाल मीणा ने कहा कि राजनीति में सबका एक संपर्क एक बड़े नेता से होता है। हमने बचपन से ही वसुंधरा जी को देखा है। वे दो बार हमारी मुख्यमंत्री रही हैं। 6 बार सांसद रही है। उनके संपर्क में हम लोग हैं, उन्होंने काम भी कराया है। यदि मेरी आत्मा से पूछते हैं तो वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री बनना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि आप नए व्यक्ति को लाते हैं और संगठन आदेश करता है तो हम सब नेतृत्व के आगे सरेंडर है क्योंकि, बीजेपी में संगठन ही सर्वोपरि है। कांग्रेस की तरह नहीं है लेकिन, हमारी इच्छा तो यह है कि वसुंधरा ही सीएम बने। ऊपर वालों के मन में क्या है यह तो पता नहीं।

---खबर नीचे जारी है---

क्या वसुंधरा राजे बाकी की तुलना में बेहतर मुख्यमंत्री साबित हो सकती है के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब अशोक गहलोत राजस्थान के खजाने को खाली कर गए हैं, ऐसी स्थिति में अनुभवी व्यक्ति ही राजस्थान को अच्छा चला सकते हैं। हमें वसुंधरा जी के अलावा कोई नहीं दिखता है लेकिन, मोदी जी ,अमित शाह जी और बीजेपी का आदेश जो भी होगा तो वह भी सिर आंखों पर है।

 

---खबर नीचे जारी है---

First published on: Dec 08, 2023 05:19 PM

End of Article

About the Author

---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola