पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद जो तस्वीरें और घटनाक्रम सामने आए हैं, उन्होंने कानून के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोर दिया है. 31 साल पुराने एक मामले में शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किए गए पप्पू यादव की तबीयत गिरफ्तारी के तुरंत बाद बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें पूरी रात अस्पताल में स्ट्रेचर पर बितानी पड़ी. शुक्रवार रात करीब नौ बजे पप्पू यादव दिल्ली से पटना अपने आवास पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि साढ़े दस बजे के करीब सादे लिबास में पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए गिरफ्तारी की बात कही. अचानक हुई इस कार्रवाई से वहां मौजूद समर्थकों में आक्रोश फैल गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया. काफी बहस और हंगामे के बाद रात करीब बारह बजे पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
ये भी पढ़ें: ‘वोट चोरी कर बनी सरकार, किसानों के लिए कुछ नहीं कर रही’, राबड़ी देवी ने NDA पर लगाया बड़ा आरोप
गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी तबीयत
गिरफ्तारी के बाद पुलिस पप्पू यादव को सीधे पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) लेकर पहुंची. मेडिकल जांच के दौरान उनकी तबीयत और बिगड़ गई. उन्हें स्ट्रेचर पर ले जाया गया और पूरी रात अस्पताल में ही बितानी पड़ी. डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चलता रहा और पुलिस की कड़ी सुरक्षा भी तैनात रही. शनिवार सुबह हालत को देखते हुए सांसद को IGIMS से पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) शिफ्ट किया गया. फिलहाल उनका इलाज जारी है. डॉक्टरों का कहना है कि उनकी सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है.
‘मुझे जान का खतरा महसूस हुआ’
इस बीच पप्पू यादव ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि वो कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं और नोटिस मिलने के बाद ही पटना आए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के दौरान मौजूद पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में थे, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर डर लगा. उनका कहना है कि उन्हें अपनी जान को खतरा महसूस हुआ.
ये भी पढ़ें: ‘अरे बैठो ना, तुम अभी बच्चा हो…’, जब तेजस्वी यादव पर भड़क उठे CM नीतीश कुमार; देखें VIDEO
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ये मामला वर्ष 1995 से जुड़ा है, जब पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में एक मकान किराए को लेकर विवाद दर्ज हुआ था. शिकायतकर्ता ने धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोप लगाए थे. लंबे समय तक कोर्ट में पेश न होने के कारण एमपी-एमएलए कोर्ट ने पप्पू यादव समेत बाकी आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी किया था. मानवीय नजरिए से देखें तो ये मामला सिर्फ कानूनी प्रक्रिया नहीं है. एक जनप्रतिनिधि की बिगड़ती तबीयत, अस्पताल में स्ट्रेचर पर गुजरी रात और समर्थकों की चिंता इस पूरे घटनाक्रम को संवेदनशील बना देती है. अब सबकी निगाहें अदालत के अगले आदेश और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं.
संबंधित खबरें
हिरासत में लिए गए कांग्रेस सांसद इमरान मसूद, प्रदर्शन में गए थे जामिया
5 hrs agoखत्म हुआ दलेर मेहंदी विवाद, मीका सिंह बोले- 'हम कोई गुंडे-मवाली नहीं'
5 hrs agoमुख्यमंत्री सैनी ने किया सूरजकुंड दिवाली मेले का उद्घाटन, स्वदेशी पर जोर
5 hrs agoमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बढ़ाया एमसीडी के चार हजार कर्मचारियों का वेतन
6 hrs agoहरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, सरकार ने मानी सभी मांगे
9 hrs agoबिहार के सिवान में पटाखे बनाते वक्त घर में ब्लास्ट, 5 की मौत, SHO सस्पेंड
9 hrs ago'इस्लाम कबूल करूंगा', MLC चुनाव में रो पड़े सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल
10 hrs agoSIR-CEC के खिलाफ दिल्ली में फिर प्रदर्शन, हिरासत में लिए गए कई प्रदर्शनकारी
11 hrs agoयूपी में जनगणना की तैयारी तेज, नवंबर में खुद भर सकेंगे परिवार की जानकारी
12 hrs agoमध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ 3 साल का अभियान, 18 ड्रग लैब ध्वस्त
12 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines