पंजाब के चर्चित नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में अब केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) की औपचारिक एंट्री हो चुकी है. राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने के फैसले के बाद सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज कर अपनी पड़ताल शुरू कर दी है. जांच एजेंसी की टीम बीती रात ही मानसा थाने पहुंची और मामले से जुड़े सभी केस डायरी, रिकॉर्ड्स और जब्त किए गए सामान को अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी. इसके लिए पुलिस को औपचारिक पत्र भी जारी कर दिया गया है. इसके साथ ही मुख्य आरोपी केमिस्ट अश्विनी कुमार और अन्य गिरफ्तार आरोपियों की रिमांड व कस्टडी भी अदालत से जल्द मांगी जाएगी.
सीनियर DIG के नेतृत्व में मानसा पहुंची टीम
सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, इस हाई-प्रोफाइल मामले की कमान एक सीनियर डीआईजी (DIG) स्तर के अधिकारी संभाल रहे हैं. एजेंसी की प्राथमिकता केस से जुड़े तमाम सबूतों, पुलिस की शुरुआती जांच रिपोर्ट और मौके से बरामद सुरागों को बारीकी से खंगालने की है. स्थानीय पुलिस से केस फाइलें हैंडओवर कराने के बाद सीबीआई अब जमीनी स्तर पर पड़ताल आगे बढ़ा रही है. जांच के पहले चरण में सीबीआई झोटा के परिजनों के बयान दर्ज करने जा रही है. मृतक परविंदर सिंह झोटा का परिवार आज सुबह 11:30 बजे मानसा सर्किट हाउस पहुंचेगा. वहां सीनियर डीआईजी के नेतृत्व में जांच टीम परिवार के सदस्यों से आमने-सामने बातचीत करेगी और उनसे घटना से जुड़ी हर बारीक जानकारी लेगी.
फॉरेंसिक और ड्रग कंट्रोलर एक्सपर्ट्स भी तलब
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई केवल पुलिसिया रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है. अधिकारियों ने बताया कि फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स, ड्रग कंट्रोलर्स और अन्य तकनीकी विशेषज्ञों की टीम भी जल्द ही मानसा पहुंच रही है. चूंकि यह मामला सीधे तौर पर मेडिकल स्टोर और प्रतिबंधित दवाओं के कारोबार से जुड़ा है, इसलिए ड्रग कंट्रोलर और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से दवाओं के अवैध नेटवर्क और मौके से मिले वैज्ञानिक सबूतों की गहराई से जांच की जाएगी.
सरकार परिवार के साथ मजबूती से खड़ी: सीएम मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि परिवार की मांग और भावनाओं का सम्मान करते हुए यह जांच सीबीआई को सौंपी गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार परविंदर सिंह झोटा के पिता और उनके परिजनों के साथ खड़ी है. पंजाब को नशामुक्त करने और नौजवानों के भविष्य को बचाने की दिशा में सरकार नशा तस्करों पर कड़ा प्रहार जारी रखेगी. वहीं, कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब पुलिस इस केस में पहले ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठा चुकी है, लेकिन कुछ लोग इस संवेदनशील घटना पर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं. अब सीबीआई जांच से सच पूरी तरह सामने आ जाएगा.
कौन थे परविंदर सिंह झोटा, कैसे हुआ मर्डर?
45 वर्षीय परविंदर सिंह झोटा मानसा के एक जाने-माने सोशल और एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट थे. वे लंबे समय से पंजाब में मेडिकल स्टोरों पर बिकने वाले प्रतिबंधित सिंथेटिक नशे और ‘चिट्टे’ के खिलाफ अभियान चला रहे थे. घटना 13 अक्टूबर की सुबह की है. बताया जा रहा है कि झोटा को एक बुजुर्ग व्यक्ति मिला, जिसने कथित तौर पर अश्विनी कुमार के मेडिकल स्टोर से प्रतिबंधित नशीली गोलियां खरीदी थीं. झोटा उस बुजुर्ग को साथ लेकर मानसा स्थित अश्विनी की दुकान पर पहुंचे और फेसबुक पर लाइव शुरू कर दिया. दुकान के भीतर दोनों के बीच तीखी बहस होने लगी. झोटा ने केमिस्ट पर नशे की अवैध बिक्री का आरोप लगाया. बहस बढ़ने पर आरोपी केमिस्ट अश्विनी कुमार ने पिस्तौल निकाल ली. लाइव वीडियो में झोटा कहते सुनाई दिए- “मार मैनू, मार मैनू” (मुझे मार दे). तभी आरोपी ने बेहद करीब से झोटा पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं.