पंजाब की राजनीति करवट बदलने लगी है, जिसके चलते एक तस्वीर दिखाई देने लगी है। दरअसल, पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया पंजाब में लोगों को नशों के खिलाफ जागरूक करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर यात्राएं कर रहे है। इसमें भारी तादाद में लोगों को शामिल किया जाता है।

10 फरवरी को फिरोजपुर में यह यात्रा निकाली जा रही थी, जिसमें डेरा ब्यास के चीफ बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो इस यात्रा में शामिल होते हैं। वहीं गवर्नर पंजाब के साथ पंजाब बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा भी साथ चलते हुए दिखाई देते है। बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो के जाने के तुरंत बाद शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल पहुंच जाते हैं। यात्रा के फंक्शन हिस्सा बन जाते है जबकि सूत्रों के अनुसार, उनके आने से पहले बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो अश्वनी शर्मा और गवर्नर पंजाब गुलाब चंद कटारिया की एक अहम बैठक बंद कमरे में होती है। इसको लेकर पंजाब में तैयार हो रही अकाली दल भाजपा गठबंधन की पृष्ठभूमि की जोरदार चर्चा चलने लगी है कि पर्दे के पीछे कुछ न कुछ जरूर पक रहा है जो जल्दी ही सामने आ जाएगा।

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क्योंकि कल जिस तरह से अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने अपने रोड शो के मुस्कराकर पत्रकारों को अकाली दल भाजपा गठबंधन के सवाल पर कहा- पिछले समय में जब जब गठबंधन की सरकारें चली। वह काफी सफलतापूर्वक चली। अब जब भी कुछ होगा, आपको तो हमसे पहले ही पता लग जाता है जिसको लेकर अब लोग दोनों पार्टियों की ओर देखने लगे है।

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पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया कहते हैं कि मैंने लोगों की पीड़ा को समझ कर नशों के खिलाफ यह पैदल यात्रा शुरू की। इसमें सभी राजनीतिक दलों को बुलाया गया था। सुखबीर बादल भी नशों के मामले में गवर्नर की बातों से सहमत होते हुए दिखाई दिए लेकिन यह बाते तो औपचारिक थी, जबकि अनौपचारिक बातें क्या हुई। बंद कमरे में ओर इसके बाद गवर्नर ओर सुखबीर सिंह बादल में क्या क्या बातचीत हुई जिसको लेकर कहा जा सकता है कि कोई न कोई खिचड़ी जरूर पक रही है।

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