महाराष्ट्र में इन दिनों एक IAS अधिकारी का नाम लगातार सुर्खियों में है. वजह है खाद्य सुरक्षा को लेकर उनका सख्त रवैया और लगातार हो रही कार्रवाई. बात हो रही है 2005 बैच के IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे की, जिन्हें महाराष्ट्र की नौकरशाही में उनके कड़े प्रशासनिक तेवरों के कारण ‘सिंघम’ के नाम से भी जाना जाता है. बता दें कि 21 साल की सेवा में तुकाराम मुंढ़े का करीब 25 बार तबादला हो चुका है और अभी वो महाराष्ट्र के Food and Drug Administration (FDA) के आयुक्त हैं.
मुंढे ने 25 मई 2026 को महाराष्ट्र FDA के आयुक्त का पद संभाला था. इसके बाद से ही विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है. मिलावट, खराब स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही है. पिछले कुछ महीनों में बड़े रेस्तरां से लेकर क्विक-कॉमर्स कंपनियों के वेयरहाउस तक FDA की जांच के दायरे में आए हैं.
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किसान परिवार से IAS तक का सफर
तुकाराम हरिभाऊ मुंढे का जन्म 3 जून 1975 को महाराष्ट्र के बीड जिले के ताडसोना गांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय, औरंगाबाद से बीए और एमए की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद वे 2005 बैच के महाराष्ट्र कैडर के आईएएस अधिकारी बने. प्रशासनिक सेवा में अपनी सादगी, बेबाकी और सख्त कार्यशैली के चलते मुंढे की अलग पहचान बनी. सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक हलकों तक, उनकी कार्यशैली की अक्सर चर्चा होती रहती है.
21 साल में हुए 25 तबादले
मुंढे की पहचान सिर्फ उनकी सख्त कार्यशैली से नहीं, बल्कि बार-बार होने वाले तबादलों से भी जुड़ी रही है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 21 साल के प्रशासनिक करियर में उनका 25वां तबादला हो चुका है. कई मौकों पर एक ही साल में उनका दो से तीन बार ट्रांसफर हुआ. यही वजह है कि हाल के वर्षों में उनकी तुलना हरियाणा के पूर्व आईएएस अधिकारी अशोक खेमका से भी होने लगी है. मई 2025 में उन्हें FDA आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपा जाना भी उनके लगातार तबादला भी इसी से जुड़ा हुआ था.
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CM फडणवीस ने किया कार्रवाई का समर्थन
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ FDA की सख्त कार्रवाई का समर्थन किया है. FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में चल रहे अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने साफ किया कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. फडणवीस ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट या सुरक्षा मानकों की अनदेखी सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए बड़ा खतरा बन सकती है. ऐसे मामलों में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है.
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बड़े ब्रांड्स पर भी दिख रहा कार्रवाई का असर
मुंढे की कार्रवाई का असर बड़े ब्रांडों पर भी दिख रहा है. महाराष्ट्र FDA ने स्वच्छता संबंधी गंभीर खामियां मिलने के बाद कुछ Domino’s और Pizza Hut आउटलेट्स को बंद कराया. जांच में ग्रीस जमा होने, कीड़ों की मौजूदगी और खाद्य उत्पादों पर एक्सपायरी से जुड़ी गड़बड़ियां भी सामने आई थीं. इसके अलावा Blinkit, Swiggy Instamart और Zepto जैसे क्विक-कॉमर्स नेटवर्क से जुड़े गोदामों का भी निरीक्षण किया गया. कई जगहों पर गंभीर स्वच्छता संबंधी कमियां मिलने के बाद लाइसेंस निलंबित किए गए और सुधार नोटिस जारी हुए.
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