'सैलरी रोक देंगे', हाई कोर्ट ने AQI को लेकर नवी मुंबई सिविक बॉडी चीफ को दी चेतावनी

बढ़ता एयर पॉल्यूशन आपकी जेब पर भारी पड़ेगा. मुंबई और नवी मुंबई में हवा की क्वालिटी खराब होने पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने नौकरशाहों को यही मैसेज दिया है. हाई कोर्ट ने नवी मुंबई नगर निकाय के प्रमुख को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे यह सुनिश्चित करने के लिए कदम नहीं उठाते कि हवा की क्वालिटी ठीक रहे, तो वह नौकरशाहों की सैलरी रोक देंगे.

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बढ़ता एयर पॉल्यूशन आपकी जेब पर भारी पड़ेगा. मुंबई और नवी मुंबई में हवा की क्वालिटी खराब होने पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने नौकरशाहों को यही मैसेज दिया है. हाई कोर्ट ने नवी मुंबई नगर निकाय के प्रमुख को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे यह सुनिश्चित करने के लिए कदम नहीं उठाते कि हवा की क्वालिटी ठीक रहे, तो वह नौकरशाहों की सैलरी रोक देंगे. हाई कोर्ट ने खराब हवा की क्वालिटी को लेकर एक याचिका की सुनवाई के दौरान ये टिप्पणियां कीं.

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मिली जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट ने देश की सबसे अमीर म्युनिसिपल बॉडी, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) के कमिश्नर को भी हवा की क्वालिटी के मुद्दे पर फटकार लगाई. नागरिक अधिकारियों को कोर्ट की चेतावनी इसलिए दी गई क्योंकि कोर्ट ने इसे वायु प्रदूषण कम करने के उसके आदेशों की ‘अनदेखी’ करार दिया और यह भी कहा कि वे भी वही अशुद्ध हवा में सांस ले रहे हैं और किसी “दूसरी दुनिया” में नहीं रह रहे हैं.

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चीफ जस्टिस चंद्रशेखर और जस्टिस सुमन श्याम की बेंच ने कहा कि वे कोर्ट के आदेशों का पालन न करने और बिगड़ते एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को लेकर कदम न उठाने के लिए मुंबई और नवी मुंबई दोनों के सिविक कमिश्नरों की सैलरी रोक देंगे.

2023 में, कोर्ट ने बढ़ते एयर पॉल्यूशन का खुद ही संज्ञान लिया था और नगर निकायों और दूसरे अधिकारियों को एयर पॉल्यूशन कम करने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए थे.

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BMC के वकील एसयू कामदार ने कोर्ट को बताया कि नगर निकाय ने कई कंस्ट्रक्शन साइट्स को काम रोकने के नोटिस जारी किए हैं और 600 साइट्स में से जहां एयर क्वालिटी मॉनिटर लगाने ज़रूरी थे, उनमें से 400 जगहों पर डिवाइस लगा दिए गए हैं.

हालांकि, हाई कोर्ट को यह बात पसंद नहीं आई और उसने कहा कि ये सभी प्रदूषण विरोधी कदम कोर्ट के आदेश के बाद ही उठाए गए हैं.

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हाई कोर्ट ने कहा, ‘आप इतने सालों से क्या कर रहे थे? हम हर बार स्थिति का जायजा लेने के लिए यहां नहीं हैं. म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चलाना कोर्ट का काम नहीं है.’

उसने हवा की क्वालिटी की मॉनिटरिंग के डेटा की एक डिटेल्ड रिपोर्ट मांगी और BMC को नवंबर 2025 से पहले के तीन महीनों का रोज़ाना का सेंसर डेटा जमा करने का निर्देश दिया. हाई कोर्ट ने कहा, ‘हमें नंबर चाहिए. वही सच्ची कहानी बताएंगे.’

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कोर्ट ने कहा कि BMC और नवी मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (NMMC) दोनों द्वारा दायर एफिडेविट में वार्ड-वार डिटेल्स की कमी थी; ऐसा लगता है कि अधिकारियों की तरफ से एयर पॉल्यूशन की समस्या से निपटने के लिए कोई “ईमानदार और सच्चा” प्रयास नहीं किया गया है.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

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वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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