महाराष्ट्र के ठाणे ज़िले में एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों और दूसरे मेडिकल स्टाफ़ के साथ मारपीट के मामले में शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे को गिरफ़्तार किया गया है. ये घटना 6 जुलाई की शाम को डोंबिवली में कल्याण-डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KDMC) के शास्त्री नगर अस्पताल में हुई. पुलिस ने मंगलवार रात म्हात्रे और पांच बाकी लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया. बुधवार को उन्हें उनके घर से हिरासत में लिया गया.
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क्या है मामला?
अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक, घटना तब शुरू हुई जब डॉ. सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे ने एक नवजात शिशु के रिश्तेदारों को बच्चे को किसी दूसरे अस्पताल में ले जाने की सलाह दी. अस्पताल का नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) भरा हुआ था और डॉक्टरों ने बच्चे की सही देखभाल की ज़रूरत का हवाला दिया. रिश्तेदारों ने म्हात्रे से संपर्क किया, जो अपने साथियों के साथ अस्पताल पहुंचे. सोशल मीडिया पर वायरल हुए अस्पताल के वीडियो फुटेज में म्हात्रे को एक महिला डॉक्टर के पीछे से आते हुए देखा जा सकता है, जो उस समय मोबाइल फ़ोन पकड़े हुए थीं. उन्होंने ज़ोर से उन पर हमला किया, जिससे फ़ोन गिर गया. इसके बाद वो और उनके समर्थक अस्पताल के दूसरे कर्मचारियों पर भी टूट पड़े. घटना के बाद की तस्वीरों में अस्पताल के कर्मचारी परेशान और घबराए हुए दिखाई दे रहे हैं.
रमेश म्हात्रे का जवाब
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, म्हात्रे ने डॉक्टर के साथ मारपीट करने की बात से इनकार किया. कॉर्पोरेटर ने कोई पछतावा नहीं जताया और कहा कि वो इस घटना के लिए माफ़ी नहीं मांगेंगे. कॉर्पोरेटर ने ज़ोर देकर कहा- "मैंने अस्पताल में महिला डॉक्टर पर हमला नहीं किया." म्हात्रे ने कहा कि उन्होंने बस डॉक्टर के हाथ पर मारा ताकि वो फ़ोन पर बात करना बंद करें, क्योंकि वो उनकी शिकायत नहीं सुन रही थीं." म्हात्रे ने NDTV से कहा- "मैंने उनके फ़ोन पर हाथ मारा क्योंकि वो हमारी बात नहीं सुन रही थीं. मैंने बस उन्हें फ़ोन से हटाने की कोशिश की." उन्होंने कहा- "हमारे काम से एक महिला और उसके बच्चे की जान बची. हमें किसी और चीज़ की परवाह नहीं है." NDTV के साथ 26 मिनट के इंटरव्यू में, म्हात्रे ने अपनी बात पर कायम रहते हुए कहा कि उन्होंने डॉक्टर पर हमला नहीं किया था. उन्होंने डॉक्टर को घमंडी बताया और कहा कि वो माफ़ी नहीं मांगेंगे. उन्होंने कहा कि अगर डॉक्टर अपने व्यवहार के लिए माफ़ी मांगते हैं, तो वो अफ़सोस ज़ाहिर करेंगे.
महिला डॉक्टर की मां ने क्या कहा?
श्रुति बाविस्कर की मां, संगीता बाविस्कर ने म्हात्रे की गिरफ़्तारी का स्वागत किया, लेकिन साथ ही पारदर्शिता की भी मांग की. उन्होंने कहा- "हम म्हात्रे की गिरफ़्तारी से खुश हैं, लेकिन पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए. अपनी बेटी को पिटते हुए देखना बहुत दुखद था, उसकी तरफ़ से कोई लापरवाही नहीं थी. लोगों की सेवा करना एक नेक काम है. मेरी बेटी तो बस सही बात समझा रही थी." वहीं, शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने इस हमले की निंदा की , जो डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे और खुद एक डॉक्टर हैं. X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि ये हरकत बेहद निंदनीय है. शिंदे ने लिखा- "इस घटना के संबंध में मामला दर्ज किया गया है. जो कोई भी कानून अपने हाथ में लेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगीय" उन्होंने आगे कहा कि पार्टी हमले में शामिल किसी भी व्यक्ति का समर्थन नहीं करेगी और पार्टी के भीतर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. विपक्ष के नेताओं ने सत्ताधारी गठबंधन की आलोचना की. महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कॉर्पोरेटर की हरकत को गुंडागर्दी बताया और इसे सत्ता के नशे से जोड़ा.
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