पुणे के बिज़नेसमैन केतन विशाल अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपी चेतन चौधरी के पिता का दावा है कि उनके बेटे को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है. उनका कहना है कि जब केतन अग्रवाल महाराष्ट्र के लोहागढ़ किले में घाटी में गिरे तो उनका बेटा काफी दूर खड़ा था. चेतन चौधरी के पिता के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब जांचकर्ता एक ऐसे मामले की जांच कर रहे हैं, जिसके बारे में पुलिस का मानना है कि इसकी योजना कई हफ़्तों तक बनाई गई थी और इसका नतीजा 18 जून को अग्रवाल की मौत के रूप में निकला.
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चेतन के पिता ने क्या कहा?
अपने बेटे पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए बाबूलाल चौधरी ने कहा कि चेतन अपनी मां को ये बताकर घर से निकला था कि वो एक बिज़नेस मीटिंग के लिए जा रहा है. ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, बाबूलाल ने कहा कि उसने अपनी मां को बताया कि उसकी एक मीटिंग है और वो जा रहा है. चेतन के पिता ने कहा कि उसने उनसे ये कहा कि वो 2 या 3 बजे तक वापस आ जाएगा. पिता ने कहा कि उन्हें लोहगढ़ किले में हुई घटनाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और बेटे की गिरफ्तारी के बाद ही उन्हें पूरी बात पता चली.
'सिया केतन के पास खड़ी थी'
बाबूलाल चौधरी ने दावा किया कि चेतन ने केतन अग्रवाल को धक्का देने की बात से लगातार इनकार किया है. उन्होंने कहा कि जब वो पुलिस स्टेशन गए, तो चेतन ने उन्हें बताया कि उसने उसे धक्का नहीं दिया था. वो काफी दूर खड़ा था. बाबूलाल के मुताबिक, चेतन ने परिवार को बताया कि गिरने से ठीक पहले सिया गोयल, केतन के सबसे करीब खड़ी थी. बाबूलाल ने कहा कि चेतन ने बताया कि वो लड़की उस लड़के के पास खड़ी थी. हालांकि, उन्होंने सिया पर सीधे तौर पर कोई आरोप नहीं लगाया. चेतन के पिता ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि सिया ने केतन को धक्का दिया या नहीं. लेकिन चेतन ने उन्हें बताया कि वो काफी दूर खड़ी थी.
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