महाराष्ट्र में गणेश उत्सव की धूम मची है और मुंबई कालाचौकी इलाके में लालबागचा राजा के दर्शन के लिए भीड़ जुटी हैं. इस दौरान आज सुबह लालबागचा राजा के एक पंडाल में दर्दनाक हादसा हो गया है. दत्ताराम लाड मार्ग स्थित महागणपति उत्सव मंडल के प्रवेश द्वार के पास बनाए गए अस्थायी पानी के स्टॉल में अचानक करंट फैल गया. इसकी चपेट में आने से 6 लोग प्रभावित हुए, जिनमें से 2 की मौत हो गई है. मृतकों में महज 8 साल की बच्ची भी शामिल है.
बिजली सप्लाई बंद करके रोकी गई आवाजाही
घटना रविवार सुबह करीब 2:42 बजे की बताई जा रही है. पानी के स्टॉल में करंट फैलने की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और एहतियात के तौर पर इलाके की बिजली आपूर्ति बंद की गई. साथ ही घटनास्थल को घेरकर लोगों की आवाजाही भी रोक दी गई. हादसे में घायलों लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया. लेकिन तब तक 2 लोगों की मौत हो चुकी थी, वहीं 4 घायलों का इलाज जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर है.
8 साल की रघिनी और 33 वर्षीय सुजाता की मौत
BMC के मुताबिक, 8 वर्षीय रघिनी घनश्याम यादव को मसीना अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. वहीं 33 वर्षीय सुजाता को ग्लोबल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे भी बचा नहीं सके. इस हादसे में 12 वर्षीय रुही सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका ICU में इलाज चल रहा है. मसीना अस्पताल में भर्ती 19 वर्षीय किरण अकबर नाईक, 19 वर्षीय तन्वी नरेश हांडे और 19 वर्षीय साहिल संदीप तारे की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है.
पंडाल में लगे अस्थायी मीटर और वायरिंग की जांच
घटना के बाद BEST की टीम ने दत्ताराम लाड मार्ग स्थित दिग्विजय मिल चॉल के पास लगे अस्थायी मीटर का निरीक्षण किया. यह मीटर गणपति उत्सव की रोशनी और कोल्ड ड्रिंक स्टॉल के लिए लगाया गया था. BEST के अधिकारियों के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान अस्थायी मीटर की वायरिंग और MCB पहले ही स्थानीय इलेक्ट्रिशियन द्वारा डिस्कनेक्ट की जा चुकी थी. घटनास्थल की बिजली आपूर्ति फिलहाल बंद रखी गई है. पुलिस और संबंधित विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर अस्थायी पानी के स्टॉल तक करंट कैसे पहुंचा और हादसे की वास्तविक वजह क्या थी.