महाराष्ट्र धुले ज़िले के शिरपुर तालुका में गांजे की अवैध खेती के खिलाफ पुलिस और वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. दुर्गम वन क्षेत्र से सटे इलाकों में करीब 90 गुंठे जमीन पर की जा रही गांजे की खेती को संयुक्त टीम ने रोटावेटर चलाकर नष्ट कर दिया. कार्रवाई में करीब 3,072 किलो गांजे की फसल नष्ट की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 7 करोड़ 68 लाख रुपये बताई जा रही है. पुलिस के मुताबिक, शिरपुर तालुका पुलिस को गांजे की अवैध खेती को लेकर गोपनीय सूचना मिली थी. इसके बाद पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने जामन्या पानी के बेहद दुर्गम वन क्षेत्र से लगे भोरखेड़ा, रोहिणी और खंबाले इलाके में छापेमारी की.
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मौके पर करीब 90 गुंठे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर गांजे की खेती मिली. इलाका दुर्गम होने और बड़ी मात्रा में फसल होने के कारण उसे हाथ से हटाना मुश्किल था. इसके बाद टीम ने मौके पर ही रोटावेटर चलाकर गांजे की पूरी फसल को नष्ट कर दिया. बताया गया है कि इस कार्रवाई में करीब 3,072 किलो गांजे की खेती नष्ट की गई. इसके अलावा करीब 10 गुंठे क्षेत्र से 100 किलो गांजे के पौधे जब्त किए गए हैं. मामले में हुकल्या भिकल्या पावरा का नाम सामने आया है. पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और अवैध खेती से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है.
आठ दिनों में तीन बड़ी कार्रवाई
शिरपुर तालुका में गांजे की अवैध खेती के खिलाफ यह कार्रवाई इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले आठ दिनों में तीन अलग-अलग बड़ी कार्रवाइयां सामने आई हैं. इन कार्रवाइयों में कुल मिलाकर करीब 9 करोड़ 44 लाख रुपये की गांजे की खेती और माल पर कार्रवाई की गई है.
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लगातार सामने आ रही गांजे की खेती की घटनाओं ने शिरपुर तालुका में अवैध कारोबार के नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. दुर्गम और वन क्षेत्र से लगे इलाकों में बड़े पैमाने पर खेती किए जाने की वजह से पुलिस और वन विभाग के सामने भी इसे रोकने की चुनौती बनी हुई है.
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की खेती के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है.
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