उत्तर महाराष्ट्र का प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्र भाऊसाहेब हिरे सरकारी अस्पताल, इस वक्त खुद बीमार हालत में है। अस्पताल की सभी 16 लिफ्टें बीते 6 महीनों से बंद हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। दूरदराज से इलाज के लिए आने वाले बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर रोगियों को अब अस्पताल की ऊंचाई सीढ़ियों के सहारे नापनी पड़ रही है।
बंद लिफ्ट के चलते मरीज परेशान
धुले जिले के अलावा नंदुरबार और जलगांव जिलों के कई गांवों से हजारों मरीज रोजाना इस अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं। लेकिन, बंद लिफ्टों के चलते न सिर्फ मरीजों को बल्कि डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल के कर्मचारियों को भी ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।
अस्पताल प्रशासन ने खराब लिफ्ट पर दी सफाई
स्थानीय नागरिक अमीन पटेल ने न्यूज24 से बात करते हुए बताया कि यह इंसानियत के खिलाफ है। बुजुर्ग और गंभीर मरीज घंटों तक स्ट्रेचर पर इंतजार करते हैं। प्रशासन सिर्फ आश्वासन दे रहा है, कार्रवाई कब होगी? अस्पताल प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा है कि सभी 16 लिफ्टें पूरी तरह से बदली जाएंगी और अगल डेढ़ महीने में नई लिफ्टें लग जाएंगी।
अब सवाल यह है कि आखिर 6 महीने तक लिफ्टें बंद रहने दी गईं, तो जिम्मेदार कौन है? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? क्योंकि इसके चलते बुजुर्ग मरीजों, गर्भवती महिलाओं और डॉक्टरों को रोज सीढ़ियां चढ़कर ऊपर जाना पड़ता है। इस पर अस्पताल प्रशासन के अनुसार, डेढ़ महीने में नई लिफ्ट लगेंगी।