महाराष्ट्र पुलिस के लिए सालों तक ड्यूटी करने वाले डॉग्स अब रिटायरमेंट के बाद अकेले नहीं होंगे. सरकार ने इनके लिए ऐसी व्यवस्था करने का फैसला किया है, जिसमें रिटायर होने के बाद भी उनका साथ उनके पुराने हैंडलर से नहीं छूटेगा. इन डॉग्स को अब किसी बाहरी व्यक्ति को गोद देने के बजाय पुलिस विभाग के साथ ही रखा जाएगा. उनके खाने-पीने से लेकर इलाज और देखभाल तक का खर्च महाराष्ट्र का गृह विभाग उठाएगा.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पुलिस बल में करीब 10 साल तक सेवा देने वाले इन डॉग्स ने अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा ड्यूटी में लगाया है. ऐसे में रिटायरमेंट के बाद उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और वे सम्मान के साथ अपना बाकी जीवन बिता सकें, इसकी जिम्मेदारी सरकार की है.
रिटायर होंगे, लेकिन पुलिस परिवार से नहीं होंगे अलग
महाराष्ट्र पुलिस की कैनाइन यूनिट में शामिल डॉग्स करीब एक दशक तक सक्रिय सेवा देने के बाद ऑपरेशनल ड्यूटी से रिटायर होते हैं. पहले रिटायरमेंट के बाद इन्हें पुलिस विभाग से बाहर लोगों को गोद देने की व्यवस्था थी. अब सरकार ने इस नीति में बदलाव किया है. नई व्यवस्था के तहत रिटायर होने के बाद भी ये डॉग्स पुलिस विभाग और अपने पुराने हैंडलर के साथ ही रहेंगे. यानी ड्यूटी खत्म होने के बाद भी उनका पुलिस परिवार से रिश्ता बना रहेगा.
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10 साल का साथ… इसलिए अलग करना आसान नहीं
इस फैसले के पीछे सिर्फ डॉग्स की देखभाल नहीं, बल्कि उनके और हैंडलर के बीच बनने वाला भावनात्मक रिश्ता भी एक बड़ी वजह है. करीब 10 साल तक एक ही हैंडलर के साथ रहकर ट्रेनिंग, ड्यूटी और ऑपरेशन में हिस्सा लेने के दौरान दोनों के बीच गहरा जुड़ाव बन जाता है. ऐसे में रिटायरमेंट के बाद अचानक हैंडलर से अलग कर किसी नए घर या नए माहौल में भेजना कई बार डॉग्स के लिए परेशानी का कारण बनता था. नए माहौल में उनके तनाव में आने और कुछ मामलों में खाना तक छोड़ देने की स्थिति सामने आने की बात कही गई है.
अब सरकार उठाएगी खाने से इलाज तक का खर्च
नई नीति के मुताबिक पुलिस डॉग्स ऑपरेशनल ड्यूटी से रिटायर होने के बाद भी पुलिस विभाग की देखरेख में रहेंगे. उनके भोजन, स्वास्थ्य, चिकित्सा और रोजमर्रा की जरूरतों का खर्च गृह विभाग उठाएगा. यानी करीब एक दशक तक देश और समाज की सुरक्षा में पुलिस के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाले इन वफादार ‘चार पैरों वाले जवानों’ को रिटायरमेंट के बाद किसी सहारे की तलाश नहीं करनी पड़ेगी. ड्यूटी के दौरान वफादारी निभाने वाले इन पुलिस डॉग्स के लिए अब रिटायरमेंट का मतलब विदाई नहीं, बल्कि सम्मान के साथ एक नई जिंदगी की शुरुआत होगी.
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