कभी-कभी घर के भीतर होने वाला एक मामूली विवाद भी ऐसा दर्द दे जाता है, जिसकी भरपाई पूरी जिंदगी नहीं हो पाती. महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार में एक परिवार के साथ कुछ ऐसा ही हुआ. महज आठ महीने की बच्ची को गोद में लेने को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते ऐसी त्रासदी में बदल गई, जिसमें 28 वर्षीय एक महिला की जान चली गई. इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, जबकि आठ महीने की मासूम बच्ची अपनी मां से हमेशा के लिए बिछड़ गई.
यह दर्दनाक घटना विरार पश्चिम के बोलिंज पुलिस थाना क्षेत्र के नारंगी गांव स्थित भगत आळी इलाके में 30 जुलाई को हुई. पुलिस के मुताबिक, मृतका प्राची कल्पेश पाटिल का भाई विशाल पाटिल उन्हें मायके ले जाने के लिए ससुराल पहुंचा था. उसी दौरान प्राची की आठ महीने की बेटी अपने दादा गणपत सखाराम पाटिल की गोद में थी. बताया जा रहा है कि जब प्राची ने अपनी बेटी को गोद में लेने की कोशिश की, तो इसी बात को लेकर घर के भीतर बहस शुरू हो गई. देखते ही देखते माहौल गर्म हो गया और आरोप है कि गुस्से में ससुर ने प्राची को जोर से धक्का दे दिया.
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धक्का इतना तेज था कि प्राची संतुलन खो बैठीं और सिर के बल फर्श पर जा गिरीं. सिर में गंभीर चोट लगने के बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. एक पल में पूरा परिवार बिखर गया और आठ महीने की मासूम बच्ची के सिर से मां का साया उठ गया.
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मृतका के भाई विशाल पाटिल की शिकायत पर बोलिंज पुलिस ने आरोपी ससुर गणपत सखाराम पाटिल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) और धारा 351(2) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है. पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, हालांकि घटना की हर कड़ी और सभी परिस्थितियों की विस्तार से जांच की जा रही है.
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यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि परिवार के भीतर गुस्से में उठाया गया एक कदम कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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