चोरी का इल्जाम लगाकर दलित को उल्टा लटकाया; शरीर पर पेशाब किया, जूते पर थूककर चटवाया
Edited By Om Pratap

अहमदनगर में दलित को पेड़ से उल्टा लटकाकर उसकी पिटाई की गई।
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अहमदनगर में दलित को पेड़ से उल्टा लटकाकर उसकी पिटाई की गई।
Dalit Youth Attacked In Ahmednagar: दलित युवक पर चोरी का इल्जाम लगाकर उसे यातना देने का मामला सामने आया है। आरोपी दलित युवक को उल्टा लटकाया गया है, उसके शरीर पर पेशाब भी किया गया। इतने से भी मन नहीं भरा तो उससे जूता तक चटवाया गया। पूरे मामले का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
मामला महाराष्ट्र के अहमदनगर का है। 25 अगस्त को हुई घटना को लेकर पीड़ित के गांव के लोगों में आक्रोश है। उन्होंने शनिवार यानी (26 अगस्त) को हरेगांव बंद कर घटना का विरोध किया। उधर, मामले की जानकारी के बाद महाराष्ट्र सरकार के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने पीड़ितों मुलाकात की और हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया।
जानकारी के मुताबिक, हरेगांव (श्रीरामपुर) इलाके के उंदिरगांव के नाना गलांडे, मनोज बोडखे, पप्पू पारखे, दीपक गायकवाड़, दुर्गेश वैद्य, राजू बोर्गे ने दलित समुदाय के 4 युवकों को बकरी और कबूतर चोरी के संदेह में पकड़ा था। सभी छह आरोपी पहले इन चारों को गलांडे के खेत स्थित कुएं पर ले गए। वहां दलित लड़कों के कपड़े उतार दिए गए। कुछ के पैर रस्सियों से बांध दिए गए और उनकी बेरहमी से पिटाई की गई।
कहा जा रहा है कि गांव के कुछ युवक खेत की ओर गए तो उन्होंने चारों दलितों को आरोपियों के कब्जे से मुक्त कराया। वहीं, शुक्रवार की देर शाम जब घटना का वीडियो गांव में वायरल हुआ तो मामला सामने आया। शनिवार सुबह घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर पीड़ित और गांव के लोगों ने बंद बुलाया। मामले की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की पूरी जानकारी ली।
घटना की जानकारी के बाद पीड़ितों से मिलने पहुंचे मंत्रि विखे पाटील ने कहा कि आरोपी गलांडे के खिलाफ कई शिकायतें मिलीं हैं। विखे ने कहा कि आरोपियों को दो दिन में गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस ने सभी छह हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश के लिए टीमें छापेमारी कर रही है।
पीड़ित दलित युवक ने बताया कि मेरे पैरों में रस्सी बांधकर उल्टा लटका दिया गया था। मेरे साथ तीन छोटे बच्चे थे, उन्हें भी पीटा गया। हम उनके (आरोपियों) पड़ोसी हैं। हम निचली जाति (महार) से हैं। वे गुस्से में थे… उन्होंने हम पर पेशाब कर दिया। हमें जूते चाटने के लिए कहा गया जिस पर उन्होंने थूक दिया था।
20 साल के पीड़ित ने पुलिस को बताया कि हमला करने वालों में पप्पू पारखे, राजू बोर्गे, युवराज गलांडे और नाना पाटिल शामिल हैं। पीड़ित के मुताबिक, वे लोग मेरे घर आए और मुझे युवराज गलांडे के घर ले गए, जहां मेरे कपड़े उतार दिए गए और मेरी पिटाई की।
सीनियर पुलिस अफसर स्वाति भोर ने बताया कि शिकायत के बाद धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया है। छह लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोपी पप्पू पारखे, दीपक गायकवाड को गिरफ्तार किया गया है और बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है। पीड़ित पर कबूतर और बकरी चुराने का संदेह था। दावा किया जा रहा है कि पीड़ित महार जाति का है।
एक अन्य पुलिस अफसर ने बताया कि IPC की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 364 (अपहरण) और अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम समेत अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले को लेकर राजनीतिक दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने इस घटना को मानवता पर धब्बा करार दिया है।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि ऐसी घटनाएं बीजेपी द्वारा अपने राजनीतिक लाभ के लिए फैलाई जा रही नफरत का नतीजा हैं। वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता महेश तापसे ने सरकार पर दलितों के आत्मसम्मान की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
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