महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जिस मासूम को जन्म देने वाले माता-पिता उसकी दुनिया होते हैं, उसी पांच वर्षीय दिव्यांग बच्चे की कथित तौर पर उन्हीं के हाथों मौत हो गई. बच्चे का शव खेत में कपड़े से ढकी हालत में मिला, जबकि उसके हाथ में अब भी खाने का पैकेट था. यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं.

खेत में कपड़े में लिपटा मिला दिव्यांग बच्चे का शव

मंगलवार को हर्सूल-सावंगी बायपास इलाके के एक खेत में एक मासूम बच्चे का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना मिलते ही एमआईडीसी सिडको पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. पुलिस ने जांच के दौरान बच्चे की पहचान पांच वर्षीय दिव्यांग बालक के रूप में की.

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पानी के जार सप्लाई करता था आरोपी पिता संतोष ढाले

पुलिस के मुताबिक, संतोष सोनाजी ढाले अपने परिवार के साथ महज आठ दिन पहले ही रोजगार की तलाश में वाशिम जिले से संभाजीनगर आया था. वह पानी के जार सप्लाई करने का काम करता था. बताया जा रहा है कि मृत बच्चा शारीरिक और मानसिक रूप से दिव्यांग था और उसकी लगातार देखभाल करनी पड़ती थी.

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आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव बनी हत्या की वजह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और बच्चे की देखभाल के बोझ से परेशान होकर माता-पिता ने ही कथित तौर पर मासूम का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद शव को खेत में फेंक दिया गया, ताकि मामला छिपाया जा सके.

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जिस बच्चे को मां-बाप की गोद में सुकून मिलना चाहिए था, उसकी जिंदगी ही उन्हीं हाथों ने छीन ली. इस घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है और हर किसी के मन में एक ही सवाल है की आखिर कोई मां-बाप इतना निर्दयी कैसे हो सकता है?

फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर मामले की जांच तेज कर दी है.