Nagpur Elections 2026: महाराष्ट्र के नागपुर में निकाय चुनाव 2026 के नामांकन भरे जा चुके हैं और 2 जनवरी को नाम वापस लेने का आखिरी दिन था, लेकिन बीते दिन नागपुर में BJP कार्यकर्ताओं ने हाई वोल्टेज ड्रामा किया. क्योंकि वे नागपुर के प्रभाग 13-डी से BJP उम्मीदवार किसन गावंडे को नामांकन वापस लेने से रोकना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने किसन गावंडे को उनके ही घर में बंद कर दिया.
समर्थकों ने किसन को बाहर नहीं आने दिया और अंदर धकेलकर बाहर से ताला लगा दिया, जबकि पार्टी ने उन्हें चुनाव नामांकन वापस लेने का आदेश दिया था, लेकिन उनके समर्थक ऐसा नहीं चाहते थे. क्योंकि पार्टी के आदेश का पालन करना था, इसलिए किसन ने फोन करके BJP MLC परिणय फुके को बुलाया, जिन्होंने किसन के समर्थकों को समझाया और इसके बाद किसन ने नामांकन वापस लिया.
---विज्ञापन---
हाईकमान ने दिया था नामांकन वापसी का आदेश
बता दें कि महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव होने हैं, जिसके लिए 15 जनवरी को मतदान होगा और 16 जनवरी को मतगणना है. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 30 दिसंबर थी और नामांकन वापस लेने की तारीख 2 जनवरी थी. नागपुर के प्रभाग 13-डी से भारतीय जनता पार्टी ने पहले किसन गावंडे और विजय होले को AB फॉर्म दिया था. बाद में पार्टी ने किसन गावंडे को नामांकन वापस लेने को कह दिया.
---विज्ञापन---
किसन को नामांकन वापस लेने का आदेश देते के साथ ही उनका AB फॉर्म भी रद्द कर दिया गया, जिससे किसन गावंडे अपक्ष उम्मीदवार बन गए. पार्टी के निर्देश के बावजूद स्थानीय लोगों और समर्थकों के किसन पर दबाव डाला कि वे चुनाव नामांकन वापस न लें. इसी आग्रह के चलते उन्हें घर में ही बंद कर दिया गया और वे कई घंटों तक घर में बंद रहे, लेकिन किसी तरह समर्थकों को समझाया गया और उन्होंने ताला खोला.
यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र में बिना वोटिंग के हो गया खेला, महायुति के 68 उम्मीदवार बने पार्षद, मगर कैसे?
नगर परिषद और पंचायत चुनाव महायुति ने जीता
बता दें कि महाराष्ट्र में दिसंबर 2025 में 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायत के लिए चुनाव हुआ था. 2 चरणों में 2 दिसंबर और 20 दिसंबर को मतदान हुआ था और 21 दिसंबर को मतगणना हुई थी, जिसके नतीजों में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन (NDA) को जीत मिली. महायुति ने 288 सीटों में से 207 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया. महायुति में भी अकेले भारतीय जनता पार्टी 117 सीटें जीतकर बड़ी पार्टी बनकर उभरी.
एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 53 सीटें और अजीत पवार की NCP ने 37 सीटें जीतीं. विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) को सिर्फ 44 सीटें मिलीं. इसमें से भी 28 सीटें कांग्रेस, 7 सीटें शरद पवार की NCP और 9 सीटें उद्धव ठाकर की शिवसेना (UBT) ने जीतीं.