मृतका ट्विशा शर्मा के परिजनों ने 20 मई को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट की. सीएम डॉ. यादव ने उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस प्रकरण में परिवार की पूरी सहायता करेगी. इस मामले में जांच के लिए सीबीआई को भी पत्र लिखा जाएगा. उन्होंने कहा कि मृतका के दोबारा पोस्टमॉर्टम के संबंध में न्यायालय निर्णय करेगा, लेकिन परिजन यदि चाहते हैं तो पार्थिव शरीर को दिल्ली एम्स ले जाने के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

कैसे हुई ट्विशा की मौत?


इधर भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने प्रेस वार्ता में कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार ट्विशा शर्मा की मौत फांसी लगाने के कारण हुई है और प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है. बावजूद इसके पुलिस उन परिस्थितियों की गहराई से जांच कर रही है, जिन्होंने मृतका को यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया.

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मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर लगाए आरोप


गौरतलब है कि 12 मई को ट्विशा शर्मा अपने भोपाल स्थित ससुराल की छत पर फंदे से लटकी मिली थीं. घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए. परिजनों का कहना है कि ट्विशा को लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था तथा दहेज को लेकर भी दबाव बनाया जा रहा था.

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कैसे हुई थी ट्विशा और समर्थ की मुलाकात


जानकारी के अनुसार ट्विशा की शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से हुई थी. दोनों की मुलाकात वर्ष 2024 में एक डेटिंग एप के माध्यम से हुई थी. समर्थ सिंह रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के पुत्र बताए जा रहे हैं. ट्विशा की मौत के बाद से समर्थ सिंह फरार है और उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं.

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मामले में पुलिस पर दबाव में काम करने के आरोपों को भी पुलिस आयुक्त ने खारिज किया. उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से की जा रही है. पुलिस ने निर्धारित समय सीमा से पहले ही दो दिनों के भीतर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी.