राजा रघुवंशी की हत्या को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी पर आरोप है कि उसने पति की हत्या की साजिश खुद रची और उसे अंजाम देने के लिए मेघालय ले गई थी। कहा जा रहा है कि सोनम ने तीन किराए के गुंडों को हायर किया था और लूटपाट के बहाने राजा की हत्या करवाई।
हत्या के पीछे क्या थी डील?
सूत्रों के मुताबिक, सोनम शादी के कुछ ही दिनों बाद से राजा की हत्या की योजना बना रही थी। उसने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा से वादा किया था कि राजा की हत्या के बाद वे दोनों शादी करेंगे। हालांकि सबसे बड़ी चुनौती थी कि हत्या करेगा कौन?
इसके बाद सोनम ने तीन हत्यारों को हायर किया। वे पहले ही शिलांग पहुंच गए थे और राजा व सोनम के होटल से मात्र एक किलोमीटर दूर रुके हुए थे। सोनम लगातार उनके संपर्क में थी।
कैसे दिया गया वारदात को अंजाम?
रिपोर्ट्स के अनुसार, 23 मई को सोनम ने राजा को कोरसा की पहाड़ियों की सैर के बहाने एक सुनसान जगह पर ले गई। वहां पहुंचकर उसने थकान का बहाना बनाया और पीछे रह गई। इसी दौरान तीनों हत्यारों ने राजा पर हमला कर दिया। सूत्रों का दावा है कि सोनम ने इन हत्यारों को 20 लाख रुपये देने का वादा किया था।
पुलिस को कैसे मिला सुराग?
एक टूरिस्ट गाइड की सूचना से पुलिस को अहम सुराग मिला। गाइड ने बताया कि सोनम और राजा के साथ तीन अन्य व्यक्ति भी थे, जो लगातार हिंदी में बात कर रहे थे। चूंकि गाइड को हिंदी नहीं आती थी, इसलिए वह बातचीत को समझ नहीं पाया, लेकिन उसने पुलिस को इन अजनबियों के बारे में बताया। यही बयान आगे की जांच में बड़ी कड़ी बना।
मेघालय पुलिस को राजा रघुवंशी का शव 3 जून को खाई में मिला था। तब पुलिस ने अंदेशा जताया था कि राजा की हत्या की गई है, ये कोई दुर्घटना नहीं है। इसके बाद जब पुलिस ने जांच तेज की तो पता चला कि इसमें इंदौर से जुड़े लोग ही हत्याकांड में शामिल थे। पुलिस इंदौर पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी करती, उसी रात सोनम उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से बरामद हो गई थी। उसने खुद ही अपने भाई से संपर्क किया था।