मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के साहस, मेहनत और बलिदान की वजह से राज्य को करीब 35 साल पुरानी नक्सलवाद की समस्या से उबरने में सफलता मिली है. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा, शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस और सशस्त्र बलों की भूमिका बेहद अहम है.मुख्यमंत्री बुधवार को भोपाल के शहीद स्मारक मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय पुलिस स्मृति दिवस परेड-2026 को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और देश की सुरक्षा में उनके योगदान को याद किया.
जवानों के साहस और समर्पण की सराहना
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के लिए यह गर्व की बात है कि राज्य लंबे समय से चली आ रही नक्सलवाद की चुनौती से बाहर निकलने में सफल रहा है. इस दौरान सुरक्षा बलों को कई मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन जवानों ने हिम्मत और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद की चुनौती का सामना करने में मदद मिली.
शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि
पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी ली और शहीद वेदी पर पुष्पचक्र चढ़ाकर शहीदों को नमन किया. उन्होंने इस साल ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले मध्य प्रदेश पुलिस के नौ अधिकारियों और जवानों को श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस हमें उन जवानों के बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने देश और समाज की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवा दी. पुलिसकर्मियों का समर्पण देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाता है.पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने भी शहीद जवानों को याद करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों ने देश और प्रदेश की सुरक्षा के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है.
शहीदों के परिवारों को मिलेगी आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए सरकार के एक अहम फैसले की जानकारी भी दी. इसके तहत शहीद को मिलने वाली सहायता राशि का 50 प्रतिशत उनकी पत्नी और बाकी 50 प्रतिशत उनके माता-पिता को दिया जाएगा. इस फैसले का उद्देश्य शहीद जवानों के परिवारों को आर्थिक मदद देना और उनके योगदान के प्रति सम्मान जताना है.
क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?
हर साल 21 अक्टूबर को राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है. यह दिन 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 10 जवानों की याद में मनाया जाता है. यह दिन देश की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों के साहस, कर्तव्य और बलिदान को सम्मान देने का अवसर है.