कफ सिरप पीने से अब तक 12 बच्चों की मौत, जहरीली दवा से छिंदवाड़ा-राजस्थान में कहर

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जहरीला कफ सिरप पीने से 3 और बच्चों की मौत हो गई है. इससे पहले एक बार 6 बच्चों की मौत हुई थी और फिर दो बच्चों की मौत हुई थी. आज यह आंकड़ा बढ़ गया है. दवा पीने से मध्य प्रदेश और राजस्थान में कुल 11 मौतें हो चुकी हैं.

ids death by cough syrup

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Cough Syrup News: सर्दी खांसी के चलते खांसी की दवा पीना भी किसी की जान का दुश्मन बन जाएगा ऐसा नहीं सोचा था. मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कफ सिरप पीने से 3 और बच्चों की मौत हो गई हैं. बीते 20 दिनों के अंदर बच्चों के मरने की संख्य 11 हो चुकी है जो गहन चिंता की बात है. बता दे कि खांसी के लिए बच्चों की दी जाने वाली दवा खाने से बच्चों की किडनी फेल हो रही है जिससे मौत होती है. राजस्थान में भी कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत हो रही है.

सीकर में डॉक्टर सस्पेंड

राजस्थान के भरतपुर इलाके में दूषित कफ सिरप पीने से 2 बच्चों की मौत हो गई है. वहीं, सीकर में भी एक बच्चे की जान चली गई है. इस मामले में अब तक कुल 12 बच्चों की मौत हो चुकी है. वहीं, सीकर में चिराणा के स्वास्थ्य केंद्र के एक डॉक्टर-फार्मासिस्ट सस्पेंड कर दिया गया है.

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12 बच्चों की मौत, 5 की हालत गंभीर

दवा खाने से शुक्रवार को छिंदवाड़ा में 3 बच्चों की मौत हुई है. इससे पहले छिंदवाड़ा के कोयलांचल में छह बच्चों की मौत हुई थी. इसके बाद भोपाल में स्वास्थ्य विभाग ने 2 दवाओं पर बैन लगा दिया था. अब भी छिंदवाड़ा में 5 बच्चों की तबीयत बिगड़ी हुई है. परासिया के SDM शुभम यादव ने की मध्य प्रदेश में 9 बच्चों की मौत की पुष्टि है. राजस्थान में भी 2 बच्चो की मौत हुई है. इससे कुल मौत का आंकड़ा 11 हो चुका है.

क्यों कफ सिरप से जा रही है बच्चों की जान?

कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लायकॉल नामक दूषित तत्व मौजूद है जिससे किडनी खराब होती है. छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर पवन नांदुलकर ने कहा बच्चों की बायोप्स करवाई गई जिसमें यह चौंकाने वाली बात सामने आई है. नागपुर लैब में सिरप की जांच की गई थी और दवा को कंटेमिनेटेड पाया गया.

2 कफ सिरप पर बैन

छिंदवाड़ा और राजस्थान में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर काम कर रही है. यहां 2 कफ सिरप को बैन कर दिए गए हैं. प्रशासन ने कोल्ड्रिफ और नेक्सट्रॉस डीएस दवा के बेचने पर प्रतिबंध लगाया गया है.साथ ही, माता-पिता को भी बच्चों को खुद से किसी दवा को देने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. बच्चों की तबीयत खराब होने पर सरकारी अस्पताल से इलाज करवाने की सलाह दी गई है.

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लेखक के बारे में

Namrata Mohanty

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नम्रता मोहंती (Namrata Mohanty) न्यूज24 में एक सक्रिय कंटेंट राइटर है. मैंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत जी न्यूज और एबीपी जैसे संस्थानों से इंटर्नशिप करते हुए की थी. आज मैं न्यूज24 के डिजीटल डेस्क पर कार्यरत हूं. मैंने यहां अपने कार्यकाल की शुरुआत अगस्त 2024 से की थी. बीते 1 साल में मैंने कई बीट्स पर काम किया है. हेल्थ बीट से शुरुआत करते हुए आज मैं यूटिलिटी और देश-विदेश की खबरों पर भी काम कर रही हूं. हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों में मेरा विशेष ध्यान आयुर्वेद, घरेलू उपचार, लाइफस्टाइल हेल्थ टिप्स और आधुनिक चिकित्सा पर आधारित प्रामाणिक और विशेषज्ञ-प्रामाणित जानकारी लोगों तक साझा करना रहा है. रोजमर्रा की देश और दुनिया से जुड़ी खबरों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही हूं. यूटिलिटी में सब्सिडी, पेंशन और योजनाओं के बारे में बताना मेरी विशेषता है. पत्रकार और कंटेंट राइटर बनकर अपने शब्दों से लोगों को सही और सटीक जानकारी बताना है. मेरी स्कूल शिक्षा दिल्ली के जानकी देवी कन्या विद्याल्य से हुई है. इसके बाद मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई नोएडा के ISOMES मीडिया कॉलेज से की थी. आप मुझसे इन प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ सकते हैं. @namrata0105_m

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