हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

मध्य प्रदेश में एक से 15 साल तक के बच्चों के लिए फ्री टीकाकरण अभियान शुरू, जानें क्या है हेल्थ स्कीम?

Madhya Pradesh Japanese Encephalitis Vaccination Campaign: जापनीज इन्सेफेलाइटिस टीकाकरण अभियान के तहत के प्रदेश के 4 जिलों में 1 से 15 साल के लगभग 37 लाख बच्चों को जापनीज इन्सेफेलाइटिस टीका लगाया जाएगा।

विज्ञापन
मध्य प्रदेश में जापानी इंसेफेलाइटिस टीकाकरण अभियान शुरू

Madhya Pradesh Japanese Encephalitis Vaccination Campaign: मध्य प्रदेश में भाजपा की मोहन यादव सरकार राज्य की जनता की भलाई के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य सरकार प्रदेश के लोगों के रोजगार से लेकर सेहत तक हर एक सुविधाओं का ध्यान रख रही है। प्रदेश में मंगलवार को राज्य सरकार की तरफ से जापनीज इन्सेफेलाइटिस टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत प्रदेश के 4 जिलों में 1 से 15 साल के लगभग 37 लाख बच्चों को जापनीज इन्सेफेलाइटिस टीका लगाया जाएगा। जिलों के सरकारी और चुने गए प्राइवेट मेडिकल सेंटर में बच्चों को यह टीका फ्री में लगाया जाएगा। इस अभियान की शुरुआत प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने की। इस दौरान उन्होंने भोपाल के डीईआईसी (DEIC) का निरीक्षण भी किया।

MP में जापनीज़ इन्सेफेलाइटिस टीकाकरण 

अभियान का शुभारंभ करते हुए डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने हेल्थ सेक्टर में क्रांतिकारी काम किए गए हैं। कोरोना काल में भारत के टीकाकरण ने कीर्तिमान स्थापित किया था। यह बताता है कि राजनीतिक इच्छा शक्ति और जनता के सहयोग से कुछ भी असंभव नहीं है। भारत के कोरोना के टीकाकरण की तरह ही मध्य प्रदेश का जापनीज इन्सेफेलाइटिस टीकाकरण अभियान भी सफल होगा। हम इस घातक बीमारी से अपने बच्चों को बचाने में कामयाब होंगे। जापनीज़ इन्सेफेलाइटिस बीमारी के 80 प्रतिसत मामले 1 से 15 साल की उम्र के बच्चों में पाए गए। इसलिए प्राथमिकता के आधार पर 1 से 15 साल के बच्चों को जापनीज़ इन्सेफेलाइटिस का टिका लगाया जा रहा है।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: Regional Industry Conclave 2024: इन्वेस्टमेंट और रोजगार के अवसर खुले, 2500 से ज्यादा लोगों ने कराया रजिस्ट्रेशन

क्या है ये बीमारी और कैसे होती है

बता दें कि जापनीज इन्सेफेलाइटिस एक तरह की वेक्टर बोर्न डिजीज है, जो क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होती है। गंदे और रुके हुए पानी में रहने वाले मच्छर के काटने से यह बीमारी होती है। इस बीमारी के फ्लेवी वायरस को फैलाने का काम आर्डिडाई प्रजाति के पक्षी और सुअर करते हैं। इस बीमारी का पहला मामला जापान में सामने आया था, इसलिए इस बीमारी का नाम जापानी इन्सेफेलाइटिस रखा गया है। इस बीमारी का कोई गंभीर लक्षण नहीं हैं, कई मामलों में तो लक्षण के नाम पर सिरदर्द, उल्टी, गर्दन में अकड़न, कपकपी और तेज बुखार जैसी समस्याएं देखने को मिली हैं। इसके अलावा मामला गंभीर होने पर पीड़ित व्यक्ति को झटके भी आ सकते हैं। इस बीमारी का संक्रमण काफी घातक है। इस बीमारी के गंभीर मामलों में सिरदर्द और ब्रेन टिशूज की सूजन या इन्सेफेलाइटिस की परेशानी हो सकती है। अगर सही समय पर इलाज नहीं किया गया तो पीड़ित की मौत भी हो सकती है।

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola