Madhya Pradesh Harda Explosion: मामले में FIR दर्ज हो गई है।
---विज्ञापन---
Madhya Pradesh Harda Firecracker Factory Blast FIR: मध्य प्रदेश के हरदा जिले की पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड ने स्तब्ध कर दिया है। पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार सुबह 11 बजे लगी आग के बाद शाम करीब 6.30 बजे एक बार फिर धमाका हुआ। बताया जा रहा है कि ये ब्लास्ट यहां रखे बारूद में आग लगने से हुआ। इस आग के कारण रेस्क्यू में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक कि फायर ब्रिगेड की 100 गाड़ियां खाली होने के बावजूद भी आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका है। मलबा हटाते ही यहां आग की लपटें देखने को मिल रही हैं।
अब तक 13 की मौत
इस भीषण अग्निकांड में अब तक 13 लोगों की मौत हो गई है। जबकि करीब 25 लोग लापता हैं। वहीं 100 से ज्यादा लोग घायल हैं। कहा जा रहा है कि मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। मगरधा रोड पर बैरागढ़ गांव में स्थित इस फैक्ट्री में अग्निकांड के बाद आसपास से गुजर रहे बाइक सवारों के भी चीथड़े उड़ गए।
जानकारी के अनुसार, इस पटाखा फैक्ट्री में करीब 15 टन विस्फोटक रखा हुआ था। जिस वक्त फैक्ट्री में आग लगी, उस वक्त वहां 100 से ज्यादा लोग मौजूद थे। हालांकि आग के कारण का पता नहीं चल सका है, लेकिन एमपी की मोहन सरकार ने इसके जांच के आदेश दे दिए हैं।
कलेक्टर-एसपी पर गिर सकती है गाज
इस हादसे के बाद प्रशासन की भी लापरवाही सामने आई है। बताया जा रहा है कि ये फैक्ट्री रिहायशी इलाके में अवैध तरीके से संचालित हो रही थी। इस फैक्ट्री को पहले सील भी किया गया था, लेकिन बाद में इसे फिर से संचालित किया जाने लगा।
कठोर कार्रवाई करेगी सरकार
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार उच्च स्तरीय बैठक ले रहे हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा- हम आगजनी की घटना के दोषियों को नहीं छोड़ेंगे। राज्य सरकार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी।
अग्निकांड की एफआईआर दर्ज
हरदा पटाखा फैक्ट्री में आग लगने की घटना पर आईजी नर्मदापुरम इरशाद वली का बयान सामने आया। उन्होंने कहा- "घटना में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मलबा हटाया जा रहा है। मलबे को अतिरिक्त मशीनें लगाकर साफ किया जाएगा। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। आग पूरी तरह से शांत हो गई है।" आसपास के घरों को खाली करा लिया गया है और इलाके की घेराबंदी कर दी गई है।"
20 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर
दूसरी ओर हरदा अग्निकांड पर भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्रा ने कहा- ''घायलों को जल्द से जल्द अस्पतालों तक लाने की कोशिशें जारी हैं। स्थानीय यातायात व्यवस्था में कोई असुविधा न हो, इसके लिए 20 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया गया है।"