Harda Factory Blast Madhya Pradesh Explosion: मध्य प्रदेश के हरदा जिले में स्थित पटाखा फैक्ट्री में भीषण अग्निकांड ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से ज्यादा घायल हैं। मगरधा रोड पर बैरागढ़ गांव में स्थित पटाखा फैक्ट्री में सुबह 11 बजे तेज धमाका हुआ। इसके बाद लोगों के चीथड़े उड़ गए। हरदा हादसे ने न केवल प्रशासन पर कई सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पहले हुए कई हादसों के जख्म भी ताजा कर दिए हैं। आइए आपको हरदा से पहले हुए उन 4 हादसों के बारे में बताते हैं, जिन्होंने देश को स्तब्ध कर दिया था।
हरदा हादसे ने पेटलावद हादसे की याद दिलाई
हरदा से पहले झाबुआ के पेटलावद में बड़ा हादसा हुआ था। मामला 12 सितंबर 2015 का है। यहां सुबह-सुबह जिलेटिन छड़ों के गोदाम में तेज विस्फोट हुआ। इस भीषण अग्निकांड में 79 लोगों की मौत हो गई थी। इसके साथ ही 150 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
मुख्य आरोपी की ही हो गई थी मौत, 7 को किया बरी
जानकारी के अनुसार, यह ब्लास्ट मकान में अवैध रूप से रखी जिलेटिन रॉड और डेटोनेटर से हुआ। हादसे के बाद देखते ही देखते चारों ओर लाशों का ढेर लग गया। इसका मुख्य आरोपी पेटलावद निवासी राजेंद्र कांसवा था।
हालांकि खुद उसकी भी इस विस्फोट में मौत हो गई थी। बाद में पेटलावद हादसे के सभी सात आरोपियों को जिला अदालत ने बरी कर दिया गया। इस हादसे में सजा के नाम पर थानाधिकारी की 1,600 रुपये की वेतनवृद्धि भी रोकी गई थी।
खैरी के हादसे में चली गई थी 26 लोगों की जान
इसी तरह बालाघाट जिले के किरनापुर में 2015 और खैरी में 2017 में ब्लास्ट हुआ। किरनापुर के हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। जबकि एक दर्जन लोग घायल हो गए थे।
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जानकारी के अनुसार, बालाघाट जिला मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर दूर ग्राम खैरी में भी एक बड़ा हादसा हुआ था। यह धमाका 7 जून 2017 को हुआ। बताया जाता है कि यह ब्लास्ट अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुआ था। इस तेज धमाके के बाद 26 लोगों की जान चली गई थी।
दमोह में भी हो चुका है हादसा
वहीं दमोह में अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका हो चुका है। इसमें सात लोगों की जान गई थी। दमोह में अवैध पटाखा फैक्ट्री में 30 अक्टूबर 2023 को विस्फोट हुआ था। इस हादसे में फैक्ट्री मालिक अभय उर्फ छुट्टन गुप्ता की मौत हो गई थी। उनके साथ छह अन्य लोगों की भी मौत हो गई थी।
फैक्ट्री मालिकों के पास लाइसेंस थे
वहीं हरदा हादसे की बात की जाए तो पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। आईजी नर्मदापुरम इरशाद वली ने हालांकि इसे अवैध रूप से संचालित होने की बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री मालिकों के पास इसके लाइसेंस थे। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इसे नियमानुसार चलाया जा रहा था या नहीं। इरशाद वली ने आगे कहा कि हमारा पूरा ध्यान अभी रेस्क्यू पर है। इस हादसे में घायलों को उचित इलाज के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।