मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 मई को मंत्रालय में ऊर्जा विभाग के कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि ऊर्जा उत्पादन के पारम्परिक स्त्रोतों का उपयोग करते हुए राज्य में सौर ऊर्जा के अधिक से अधिक उपयोग को बढ़ावा दिया जाए. किसानों के लिए सोलर पम्प और गांव से लेकर शहर तक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सोलर उपकरणों की उपलब्धता एवं उपयोग को प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने ऊर्जा विभाग द्वारा किए गए प्रमुख नवाचारों की प्रशंसा की. बैठक में बताया गया कि गत ढाई वर्ष में प्रदेश में ड्रोन आधारित पेट्रोलिंग का नवाचार सफल हुआ है. इससे विद्युत लाइन ट्रिपिंग को 35 प्रतिशत कम करने और 220 केव्ही के लगभग 10 हजार टॉवरों के टॉप पेट्रोलिंग के कार्य में सफलता मिली है.
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बैठक में बताया गया कि वर्तमान में 400 और 132 केव्ही के 23 हजार टॉवरों के टॉप पेट्रोलिंग का कार्य ड्रोन द्वारा किया जा रहा है. इंसूलेटेड वर्क प्लेटफार्म का नवाचार भोपाल, जबलपुर, इंदौर और दमोह में किया गया. लाइनमैन द्वारा चालू लाइन में ही वेयर हेन्ड तकनीक और हॉटल लाइन स्टिक तकनीक का कार्य इससे संभव होता है. गत वर्ष चालू लाइन में 257 परिचालन किए गए. परिचालन कर्मियों और प्रशिक्षु इंजीनियरों के प्रशिक्षण के लिए परिचालन सिम्युलेटर स्थापित किया जा रहा है. बैठक में जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कम्पनी ने विश्वसनीय संचालन का प्रमाण देते हुए विद्युत गृहों द्वारा लगातार विद्युत उत्पादन किया गया है. गत 14 जनवरी को 19 हजार 895 मेगावॉट की सफलतापूर्वक पूर्ति इतिहास की सर्वाधिक पूर्ति है. ट्रांसमिशन कम्पनी का हानियां भी 2.60 प्रतिशत ही हैं. इसी तरह परिषण उपलब्धता का प्रतिशत 99.52 है.
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उपभोक्ताओं को मिला सरचार्ज में छूट का लाभ
समाधान योजना 2025-26 के अंतर्गत विलंबित बिल के भुगतान पर सरचार्ज में छूट का लाभ उपभोक्ताओं को दिया गया. कुल 1,970 करोड़ की देनदारियां निराकृत हुईं. उपभोक्ताओं को 473 करोड़ रुपये की सरचार्ज की राशि माफ की गई. स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य प्रगति पर है. तीनों विद्युत वितरण कम्पनियों द्वारा 40 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित किए गए हैं. प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में प्रीपेड मीटरिंग के अंतर्गत 47 हजार से अधिक मीटर प्रीपेड मोड पर संचालित हैं. इस कार्य में 139 प्रतिशत भौतिक प्रगति प्राप्त की गई.
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प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ी
प्रदेश में मार्च 2024 में कुल विद्युत क्षमता में नवकरणीय ऊर्जा का प्रतिशत 25 था, जो मार्च 2026 में बढ़कर 33 हो गया है. दो वर्ष पहले जहां 5 हजार 690 मेगावॉट ऊर्जा नवकरणीय स्त्रोतों से उत्पादित की जा रही थी, वहीं अब यह 8 हजार 608 मेगावॉट तक पहुंच गई है. इस उपलब्धि में सर्वाधिक योगदान 5 हजार 376 मेगावॉट सौर ऊर्जा का है. प्रदेश में पवन और अन्य नवकरणीय ऊर्जा से 3 हजार 232 मेगावॉट ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है. बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय और ऊर्जा विभाग नीरज मंडलोई ने बताया कि विभाग द्वारा मंत्रिपरिषद के निर्णयों के पालन, राजस्व आय में वृद्धि, घोषणाओं को पूर्ण करने के कार्य को प्राथमिकता दी गई. विद्युत अधोसंरचना की वृद्धि के साथ विभिन्न क्षेत्रों में श्रेष्ठ परिणाम लाने के निर्देश दिए गए हैं. केन्द्र शासन से बेहतर समन्वय के कारण जबलपुर आईलैंडिंग योजना के क्रियान्वयन के लिए 5.08 करोड़ रूपए के केन्द्रीय अनुदान की मंजूरी मिली है.
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सायबर सुरक्षा व्यवस्था के लिए मिले 13.61 करोड़ रुपये
बैठक में बताया गया कि राज्य भार प्रेषण केन्द्र की सायबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भी 13.61 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है. केन्द्र सरकार के पावर सिस्टम डेवलपमेंट फंड से प्राप्त अनुदान से प्रदेश में ओपीजीडब्ल्यू (ऑप्टिकल ग्राउंड वायर) की 10 हजार 752 किलोमीटर लाईन में सफलतापूर्वक स्थापना संभव हुई. इसके लिए केन्द्र सरकार 146 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई. धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कृष्ट अभियान के अंतर्गत प्रदेश में 63 हजार से अधिक जनजातीय समुदाय के नागरिकों को आवास गृह के विद्युतीकरण का लाभ दिलवाया गया. प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) के अंतर्गत प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया और भारिया समुदाय के 28 हजार से अधिक घरों में विद्युतीकरण होने की उपलब्धि भी मिली है. कृषि फीडर विभक्तिकरण के 374 फीडर और एचटी लाईन में क्षमता वृद्धि के तहत लगभग 18 हजार कार्य पूर्ण किए गए हैं.
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ऊर्जा विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश
- सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रत्येक स्तर पर बढ़ावा दिया जाए.
- मजरों टोलों के सभी घरों तक सभी कार्य पूर्ण करें.
- विद्युत देयक वसूली और नगद संग्रहण में वृद्धि हुई है ,इसे कायम रखें.
- ऊर्जा विभाग में 2500 करोड़ रुपए की हानि को कम किया है. ऐसे प्रयास जारी रखें.
- जबलपुर में वन नेशन वन ग्रिड के अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के कार्य के लिए प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं.
- विद्युत बचत उपाय पर निरंतर अमल हो.
- प्रदेश में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, सहरिया, भारिया के घरों में विद्युतीकरण होने की उपलब्धि महत्वपूर्ण है. इन वर्गों के सभी लोगों को लाभ पहुंचाएं.
- ऊर्जा की भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारी को अंजाम दें.
- मध्य प्रदेश विद्युत जनरेशन कंपनी लाभ में है. इसके लिए कंपनी के पदाधिकारी बधाई के पात्र हैं.