MP Guna Boy Assault Video Viral: मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक युवक को पीटते हुए तालिबान जैसी खौफनाक सजा देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। उसके रिश्तेदारों द्वारा ही उसका मुंडन किया गया। उसे घाघरा और जूतों की माला पहनाई गई। पूरे गांव में घुमाकर वीडियो बनाया गया। घटना 24 मई की बताई जा रही है। पीड़ित ने दावा किया है कि आरोपियों ने उसे पेशाब भी पिलाया। पुलिस को पीड़ित ने लिखिल शिकायत दी है। वीडियो पुलिस ने जब्त कर लिया है। साथ ही उसके आधार पर फतेहगढ़ थाने में मामला दर्ज कर लिया है।
आरोपी पीड़ित के रिश्तेदार, बहन की शादी का विवाद
गुना के एडिशनल SP मानसिंह ठाकुर ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि गुना जिले के मावन गांव का रहने वाला महेंद्र बंजारा बमौरी ब्लॉक के भौंरा गांव में मजदूरी कर रहा था। उसकी चचेरी बहन का पति रमेश बंजारा उसे कोल्ड ड्रिंक पिलाने के बहाने ले गया, लेकिन कोल्ड ड्रिंक पिलाने के बाद किसी काम के बहाने से वह उसे राजस्थान के बारां जिले के जंगलों में ले गया। वहां करीब 7 लोग मौजूद थे, जो उसके ही रिश्तेदार थे। उन्होंने 3 दिन महेंद्र को बंधक बनाए रखा।
महेंद्र का मुंडन किया, उसे जूतों की माला पहनाई और महिलाओं के कपड़े पहनाकर पूरे गांव में घुमाया। महेंद्र की चचेरी बहन की शादी रमेश के साथ हुई थी। रमेश की पत्नी घर से बिना बताए भाग गई। इसके बाद बंजारा समुदाय में प्रचलित झगड़ा प्रथा के तहत रमेश महेंद्र और उसके परिजनों से पैसों की मांग करने लगे। इसी को लेकर विवाद बढ़ा और महेंद्र को अपमानित करने के उद्देश्य से उसके साथ इस अमानवीय घटना को अंजाम दिया गया।
घटना पर सियासत तेज, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का बयान
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश अपराधों में पहले नंबर पर है। गुना की घटना तालिबानी कृत्य दर्शाती है। सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए। बंजारा समाज के युवक के साथ अमानवीयता हुई है। पहले उसका अपहरण करके 3 दिन तक बंधक बनाकर रखा। फिर उसे जूतों की माला और महिलाओं के कपड़े पहनाए। मुंह पर कालिख पोतकर बाल भी काट दिए!
फिर उसे इसी हाल में, पूरे गांव में घुमाया भी गया। यातना और अत्याचार यहीं खत्म नहीं हुआ। उसके साथ गंभीर रूप से मारपीट की जाती रही। अमानवीय कृत्य करते हुए उसे पेशाब भी पिलाया गया। न्याय की उम्मीद में जब वह पुलिस के पास पहुंचा तो उसकी शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया गया। कानून व्यवस्था की बदहाल स्थिति में पहले प्रदेश के मुंह पर काला टीका लगाया, लेकिन अब तो लगता है कि पूरा मुंह ही काला हो चुका है।