कोलकाता के बागुईहाटी थाना अंतर्गत फिल्मी स्टाइल में चिनार पार्क के इलाके में फर्जी आयकर अधिकारी बनकर प्रमोटर के घर में घुसकर नकदी समेत लाखों रुपये के गहने लूटने के मामले में पुलिस ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के पांच जवानों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, सुबह 2 बजे आयकर अधिकारियों की पोशाक पहने कुछ लोग चिनार पार्क इलाके में एक मृत प्रमोटर के घर पर पहुंचे। घर में घुसकर सबसे पहले परिवार के सभी लोगों के मोबाइल फोन छीन लिए। फिर वे प्रमोटर की मां के कमरे में दाखिल हुए। उन्होंने तलाशी नाम पर वहां लूटपाट की। उन्होंने 3 लाख रुपये नकद और 20 लाख मूल्य के सोने के आभूषण लूट लिए। प्रमोटर की सौतेली मां आरती सिंह के घर में होने के बावजूद कुछ नहीं लूटा था। फर्जी आयकर अधिकारियों ने उनसे कागजात पर हस्ताक्षर करवाए।
इस घटना में मृतक प्रमोटर की बेटी ने बागुईहाटी थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराई है। जांच के बाद पुलिस ने फर्जी अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किए गए वाहन की पहचान कर ली। इस मामले में चालक दीपक राणा को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। पुलिस ने इस तरह सात लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में फरक्का बैराज के सीआईएसएफ इंस्पेक्टर अमित कुमार सिंह, आरजी कर की सीआईएसएफ महिला कांस्टेबल लक्ष्मी कुमारी, कांस्टेबल बिमल थापा, हेड कांस्टेबल रामू सरोज और कांस्टेबल जनार्दन साव शामिल हैं।
जांच में कई खुलासे
जांच अधिकारियों को तब पता चला कि ये लोग आयकर विभाग के कर्मचारियों की झूठी पहचान के तहत लूटपाट करने आए थे और उन्होंने घटना की पहले से योजना बना रखी थी। पुलिस ने प्रमोटर की दूसरी पत्नी और कार चालक को भी गिरफ्तार कर लिया है। डीसी एयरपोर्ट ऐश्वर्या सागर ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मृत प्रमोटर को दो पत्नियों आरती सिंह और विनीता सिंह के बीच संपत्ति विवाद को लेकर इस फर्जी रेड की साजिश रची गई थी।
डीसी ने बताया कि पिकअप वैन के लाइसेंस प्लेट नंबर का पता लगाकर ड्राइवर को सबसे पहले साउथ पोर्ट क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ में पता चला कि उसे बिचौलिए के तौर पर काम पर रखा गया था। इस बिचौलिए को न्यू अलीपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। इसमें पता चला कि उसे यह कार सीआईएसएफ के एक थ्री स्टार अधिकारी यानी इंस्पेक्टर ने किराए पर लेने को कहा था।
सभी तकनीकी एविडेंस जमा करने के बाद इस सीआईएसएफ इंस्पेक्टर को फरक्का से गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ के बाद 4 अन्य सीआईएसएफ कर्मियों को हिरासत में लिया गया। इन चार में से एक हेड कांस्टेबल, दो कांस्टेबल और एक महिला कांस्टेबल हैं। हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को दुर्गापुर से गिरफ्तार किया गया, जबकि एक अन्य कांस्टेबल को बंदरगाह क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। महिला कांस्टेबल, जो चार महीने से आरजी कर अस्पताल में ड्यूटी पर थी, को भी बंदरगाह क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। सभी लोगों की आज कोर्ट में पेशी की जाएगी।