झारखंड में आज 2 सीटों के लिए राज्यसभा चुनाव होने हैं। लेकिन पेंच फंसा हुआ है। क्योंकि 2 सीटों के लिए 3 उम्मीदवार चुनावी रण में हैं। एक सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के सह-संस्थापक शिबू सोरेन की मौत से खाली हुई है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून 2026 को खत्म हो रहा है। सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा ने शिबू सोरेन वाली सीट भरने के लिए बैद्यनाथ राम को टिकट दिया है। वहीं दूसरी सीट पर कांग्रेस ने प्रणव झा को उतारकर दावा ठोका है, लेकिन BJP ने निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी को समर्थन देकर पेंच फंसा दिया है।
झारखंड में चुनावी जीतने के लिए समीकरण
बता दें कि झारखंड में राज्यसभा की 2 सीटें जीतने के लिए 56 वोट चाहिए और INDIA महागठबंधन के पास 56 वोट हैं। 81 सदस्यों वाली विधानसभा में झारखंड मुक्ति मोर्चा के 34 विधायक, कांग्रेस के 16, राजद (RJD) के 4 और भाकपा माले के 2 विधायक हैं। वहीं BJP के पास 21 विधायक हैं। 1 विधायक आजसू, 1 विधायक लोजपा रामविलास और एक विधायक जेडीयू का है। ऐसे में एक सीट बहुमत के साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा के खाते में और अगर क्रॉस वोटिंग हुई तो दूसरी सीट भाजपा के खाते में जा सकती है। वहीं इन दोनों के बीच कांग्रेस की झोली खाली रहने से नुकसान हो सकता है।
मतदान में इस तरह हो सकती क्रॉस वोटिंग?
झारखंड विधानसभा में झारखंड मुक्ति मोर्चा के पास 34 विधायक हैं। एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 28 वोट चाहिए। ऐसे में बाकी बचे 6 सांसद अगर कांग्रेस के पक्ष में वोट करते हैं और कांग्रेस के अपने सांसद भी कांग्रेस के पक्ष में ही वोट करते हैं तो दूसरी सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है। वहीं BJP प्रत्याशी परिमल नथवानी को NDA के 24 विधायकों का समर्थन है। जीतने के 4 और वोट चाहिए और अगर RJD के चारों विधायक क्रॉस वोटिंग करके परिमल नथवानी को वोट देते हैं तो दूसरी सीट भाजपा के खाते में भी जा सकती है। लेकिन सभी 81 विधायकों के द्वारा क्रॉस वोटिंग किए जाने का डर है।