राजस्थान पुलिस ने फ्रॉड केस में 40 साल से फरार आरोपी को दबोच लिया है और उसका अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस अधीक्षक अमृता दुहान और उदयपुर पुलिस ने मिलकर आरोपी को पकड़ा. पुलिस अधीक्षक अमृता दुहान ने बताया कि आरोप का नाम विजय कुमार यादव है और वह हरियाणा के भिवानी जिले के रूपगढ़ शहर का निवासी है. विजय पर राजस्थान में सरकार नौकरी दिलाने का वादा करके 32000 रुपये ठगने का आरोप है. विजय ने नकली अफसर बनकर कई लोगों से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे ठगे और फरार हो गया.
4 राज्यों में बतौर फुटबाल कोच छिपकर रहा
पुलिस अधीक्षक अमृता दुहान ने बताया कि 69 साल का ठग विजय कुमार यादव पिछले कई साल से हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन में छिपा था और फुटबाल कोच था. वह असम, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में कोच रहा और आखिर में अपने परिवार समेत नाहन शिफ्ट हो गया. 1984 में वह 26 साल का थ और पुलिस से बचने के लिए उसने रूपगढ़ स्थित अपने पैतृक निवास से जुड़े डॉक्यूमेंट्स से अपना नाम हटवा दिया था. इसके बाद वह कई राज्यों में छिपा और आखिर में नाहन में बस गया, जहां की वोटर लिस्ट में भी उसका नाम है. यहां विजय ने नया घर बनाया है.
एक घटनाक्रम में किया वारदात का पर्दाफाश
विजय कुमार यादव के परिवार में उसकी पत्नी, बेटा, बेटी और पोते-पोतियां हैं, लेकिन एक घटनाक्रम ने उसकी 40 साल पुरानी करतूत का पर्दाफाश कर दिया. विजय कुमार यादव से शुक्रवार को नाहन के चौगान फुटबाल मैच में कुछ लोग मिलने आए. इस दौरान एक शख्स ने उन्हें पहचान लिया और पूछा कि क्या आप राजस्थान पुलिस के अधिकारी हैं तो वे इनकार करने लगे. शक होने पर शख्स ने पुलिस को मामले की जानकारी दी तो 1984 के फ्रॉड केस के आरोपी विजय कुमार यादव के रूप में उसकी पहचान हुई. स्टेशन हाउस ऑफिसर सोलंकी ने विजय कुमार यादव की शिनाख्त की.
कई लोगों से 3000-3000 करके 32000 ठगे
स्टेशन हाउस ऑफिसर सोलंकी ने बताया कि 5 मार्च 1984 को उदयपुर के धन मंडी पुलिस स्टेशन में भंवर सिंह ने विजय कुमार यादव और 9 अन्य लोगों के खिलाफ ठगी की शिकायत दी थी. इन 10 लोगों ने खुद को किनारा ग्रुप/अग्रवाल सेल्स के अधिकारी बताया और सरकारी नौकरी दिलाने का वादा करके 3000 रुपये ठगे. आरोपियों ने कई लोगों से 3000-3000 रुपये ठगते हुए करीब 32000 रुपये ठगे और फिर कार्यालय बंद कर दिया. हरियाणा, जयपुर और दिल्ली निवासी करीब 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन विजय कुमार यादव पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो गया.