Operation Sindoor: हरियाणा की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर हुई मीडिया ब्रीफिंग पर टिप्पणी की। इसके बाद उन्हें हरियाणा राज्य महिला आयोग के समन भेजा गया। अब उन्हें इसी मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके वकील ने भी इस बात की पुष्टि की है कि महमूदाबाद को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि, महमूदाबाद ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर और इसमें शामिल महिला अधिकारियों पर उनके सोशल मीडिया पोस्ट महिला विरोधी नहीं थे। इसे गलत तरीके से लिया जा रहा है।
गिरफ्तार हुए प्रोफेसर
7 मई को भारत ने पाकिस्तान और POK में पाकिस्तानी आतंकवादी ठिकानों को तबाह किया। इसके बाद देश को मिशन के बारे में जानकारी देने के लिए विदेश सचिव के साथ कर्नल कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह को चुना गया। इसके बाद प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी की। हरियाणा राज्य महिला आयोग ने उनकी टिप्पणियों पर संज्ञान लिया, जिसके लिए उनको समन भी भेजा गया। अब प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया गया है। दरअसल, आयोग का कहना है कि उनकी टिप्पणियों ने भारतीय सशस्त्र बलों में महिला अधिकारियों को कमतर आंका और सांप्रदायिक कलह को बढ़ावा दिया है।
प्रोफेसर ने समन का क्या दिया था जवाब?
महमूदाबाद को जो समन भेजा गया उनका उन्होंने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर और इसमें शामिल महिला अधिकारियों पर उनके सोशल मीडिया पोस्ट महिला विरोधी नहीं थे। नोटिस के साथ स्क्रीनशॉट से यह साफ हो जाता है कि मेरी टिप्पणी को पूरी तरह से गलत समझा गया है।’ महमूदाबाद ने आगे कहा कि ‘महिला आयोग एक ऐसा निकाय है, जो एक महत्वपूर्ण काम करता है। हालांकि, मुझे जारी किए गए समन में यह नहीं बताया गया कि मेरी पोस्ट महिलाओं के अधिकारों या कानूनों के उलट कैसे है।’
महमूदाबाद ने कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह को लेकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘इस बात की सराहना करता हूं कि कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह को भारत की विविधता का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए चुना गया।’
महमूदाबाद ने क्या कहा था?
महमूदाबाद ने महिला अधिकारियों द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर मीडिया ब्रीफिंग को दिखावा और सिर्फ पाखंड बताया। इसके बाद हरियाणा राज्य आयोग ने उनकी टिप्पणियों को राष्ट्रीय सैन्य कार्रवाइयों को बदनाम करने का प्रयास माना।