प्रोजेक्ट और रूट से जुड़ी मुख्य बातें:
- राजीव चौक पर दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे और सोहना हाईवे के चौराहे पर दो नए फ्लाईओवरों का निर्माण किया जाएगा.
- सोहना की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए बनने वाला पहला फ्लाईओवर बिना सिग्नल के सीधे दिल्ली की तरफ का रास्ता देगा.
- दूसरा फ्लाईओवर सेक्टर 32 की तरफ से सोहना हाईवे की ओर जाने वाले यात्रियों के सफर को पूरी तरह आसान और सुगम बनाएगा.
- इस पूरी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों की कुल 3.05 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है.
- जमीन के लिए एनएचएआई जल्द ही वायुसेना, पशुपालन विभाग, खेल विभाग और दूरसंचार विभाग के साथ बातचीत शुरू करने वाला है.
Gurugram Flyover Project: गुरुग्राम में रोजाना सफर करने वाले और लंबे ट्रैफिक जाम से परेशान रहने वाले वाहन चालकों के लिए एक बहुत ही राहत भरी खबर आई है. शहर के सबसे व्यस्त और जाम से ग्रस्त रहने वाले राजीव चौक की सूरत जल्द ही पूरी तरह बदलने वाली है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने इस चौराहे को जाम मुक्त बनाने के लिए एक विशेष ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार कर ली है. दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे और सोहना हाईवे को जोड़ने वाले इस बेहद व्यस्त जंक्शन पर दो नए शानदार फ्लाईओवर बनाए जाएंगे. इस महत्वपूर्ण परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए एनएचएआई ने जरूरी जमीन की पहचान भी कर ली है, जिससे आने वाले दिनों में यहां गाड़ियों की रफ्तार दोगुनी हो जाएगी.
सोहना और सेक्टर 32 वालों को मिलेगा सीधा रास्ता
इस नई योजना के तहत राजीव चौक पर यातायात को सुगम बनाने के लिए दो अलग-अलग फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा. पहला फ्लाईओवर सोहना की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए होगा, जो दाहिनी तरफ मुड़कर सेक्टर 15 की ओर जाने वाले दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे तक सीधी पहुंच देगा. इस फ्लाईओवर के बनने से सोहना की तरफ से आने वाली गाड़ियों को राजीव चौक के ट्रैफिक सिग्नल पर नहीं रुकना पड़ेगा, बल्कि वे सीधे हीरो होंडा चौक की तरफ घूमकर दिल्ली की ओर निकल जाएंगी. वहीं दूसरा फ्लाईओवर सेक्टर 32 की तरफ से सोहना हाईवे की ओर जाने वाले वाहनों के लिए बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों का सफर पूरी तरह से बिना किसी रुकावट के निर्बाध रूप से पूरा हो सकेगा.
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इन विभागों से ली जाएगी जमीन
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए कुल मिलाकर लगभग 3.05 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता होगी. इसके लिए ड्राफ्ट रिपोर्ट में विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों की जमीनों को चिन्हित किया गया है. इसमें पशुपालन विभाग से 0.8936 हेक्टेयर और दूरसंचार विभाग से 0.7335 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी. इसके अलावा मौजूदा ग्रीन बेल्ट यानी हरित पट्टी से 0.829 हेक्टेयर, हरियाणा सरकार के भूखंड से 0.2112 हेक्टेयर, वायुसेना की जमीन से 0.2055 हेक्टेयर और ताऊ देवी लाल स्टेडियम की 0.18325 हेक्टेयर खाली भूमि का इस्तेमाल इस प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए किया जाएगा.
रियल एस्टेट मार्केट को भी मिलेगा बड़ा बूस्ट
राजीव चौक गुरुग्राम का मुख्य केंद्र है जो दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे, सोहना हाईवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे कॉरिडोर को आपस में जोड़ता है. साल 2023 में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद से यहां गाड़ियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय वाहनों, बसों और ऑटो के एक ही जगह मिलने से भयंकर जाम लगता है. इस नए प्रोजेक्ट के आने से न सिर्फ जाम खत्म होगा बल्कि गुरुग्राम के रियल एस्टेट मार्केट को भी एक नया बूस्ट मिलेगा. कनेक्टिविटी बेहतर होने से सोहना रोड, सेक्टर 15 और सेक्टर 32 के आसपास की जमीनों और कमर्शियल प्रॉपर्टी के दामों में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है, जिससे खरीदारों की रुचि इस क्षेत्र में और बढ़ेगी.
परियोजना के बड़े फायदे और बदलाव:
- महा-जाम से परमानेंट मुक्ति: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद राजीव चौक पर बढ़े गाड़ियों के भारी दबाव और रोजाना लगने वाले जाम से यात्रियों को हमेशा के लिए राहत मिल जाएगी.
- समय और ईंधन की बड़ी बचत: नए फ्लाईओवरों के बनने से सोहना और दिल्ली के बीच आने-जाने वाले वाहनों को रेड लाइट पर नहीं रुकना पड़ेगा, जिससे सफर मिनटों में पूरा होगा.
- सड़क सुरक्षा में होगा बड़ा सुधार: स्थानीय वाहनों, बसों और ऑटो-रिक्शा के आपस में उलझने की समस्या खत्म होगी, जिससे इस व्यस्त चौराहे पर होने वाले सड़क हादसों पर लगाम लगेगी.
- प्रॉपर्टी के दामों में आएगी तेजी: बेहतर रोड कनेक्टिविटी के चलते सोहना रोड, सेक्टर 15 और सेक्टर 32 के आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में रियल एस्टेट की मांग और कीमतें काफी बढ़ जाएंगी.
- भविष्य की तैयारियों का हिस्सा: राजीव चौक के पास बनने वाले आगामी आरआरटीएस यानी रैपिड रेल स्टेशन की जरूरतों को ध्यान में रखकर इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर का खाका तैयार किया गया है.