हिंदू समाज महापंचायत में ऐलान, कहा- मुसलमानों को न दें किराए पर कमरा, नौकरी और रोजगार

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नई दिल्ली: हरियाणा के नूंह (Nuh Violence) समेत कई इलाकों में जारी तनाव और निषेधाज्ञा के बीच गुरुग्राम के तिघरा गांव में रविवार को हिंदू समाज की महापंचायत हुई। इस महापंचायतम (Gurugram Mahapanchayat) में बड़ी संख्या में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और हिंदू समाज के लोग शामिल हुए। महापंचायत में शामिल तमाम लोगों ने एकसुर में मुस्लिम समाज के लोगों का आर्थिक और सामाजिक बहिष्कार का आह्वान किया।

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महापंचायत (Gurugram Mahapanchayat) में शामिल लोगोंने सभी स्थानीय निवासियों से उन्हें किराए पर कमरा और नौकरी या रोजगार नहीं देने की अपील की गई। इसके साथ ही महापंचायत ने सेक्टर-57 में स्थित अंजुमन मस्जिद को हटाने की भी मांग की। उनका कनहा है कि यह क्षेत्र हिंदू बहुल है। महापंचायत ने मामले पर नजर रखने के लिए 101 लोगों की एक समिति भी बनाई गई। पंचायत ने कहा कि यदि गिरफ्तार किए गए युवकों को रिहा नहीं किया गया तो एक ‘बड़ा फैसला’ लिया जाएगा। एक लाख से ज्यादा लोग अपनी गिरफ्तारी देने को तैयार हैं।

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महापंचायत (Gurugram Mahapanchayat) ने हिंसा को पुलिस-प्रशासन की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन की विफलता का ठीकरा हिंदूओं पर फोड़ा जा रहा है। एक विशेष समुदाय ने प्लानिंग के तहत हिंसा की और पुलिस ने गुरुग्राम (Gurugram Violence) में 4 हिंदू बच्चों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि नूंह (Nuh Violence)  के विधायक मम्मन खान को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है। इनलोगों का आरोप है कि स्थानीय विधायक मम्मन खान ने हिंसा भड़काई। साथ ही उन लोगों ने सवाल किया कि आखिर विधायक के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है, जबकि पुलिस निर्दोष लोगों को फंसा रही है?

महापंचायत की बड़ी बातें…

  • नूंह की साम्प्रदायिक हिंसा के बाद, गुरुग्राम के हिंदू संगठनों ने मुसलमानों के आर्थिक और सामाजिक बहिष्कार का आह्वान किया।
  • महापंचायत में सभी निवासियों से मुसलमानों को किराए पर कमरा और नौकरी या रोजगार नहीं देने की अपील की गई।
  • पंचायत ने सेक्टर-57 में स्थित अंजुमन मस्जिद को हटाने की भी मांग की और कहा कि यह क्षेत्र हिंदू बहुल है।
  • महापंचायत ने 101 लोगों की समिति बनाई ताकि मामले की निष्पक्ष जांच की जा सके।
  • रिहाई की मांग को लेकर पुलिस को सात दिन का अल्टीमेटम दिया गया।
  • महापंचायत ने विधायकों और मंत्रियों को ज्ञापन सौंपने की भी मांग की।
  • कमेटी एक सप्ताह तक सभी विधायक और मंत्रियों को ज्ञापन देकर मांग रिहाई की मांग करेगी।
  • महापंचायत में धार्मिक स्थल को हटाने की भी मांग रखी गई।

इस बीच राज्य के 3 जिलों के 14 गांव के लोगों ने पुलिस-प्रशासन को लिखकर बता दिया है कि इन गांवों की पंचायत और लोगों ने मुस्लिम समुदाय के बहिष्कार का फैसला किया है। ये तीन जिले महेंद्रगढ़, झज्जर और रेवाड़ी हैं। इन जिलों में मुस्लिम समुदाय के लोगों को किराए पर घर और दुकान नहीं देने की अपील की गई है। साथ ही गांव में रेहड़ी पटरी वालों के भी पहचान पत्र देखकर गांव में प्रवेश देने के बारे विचार की जा रही है।

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