गुरुग्राम इस वक्त भीषण गर्मी से जूझ रहा है, लेकिन हर साल गर्मियों के बाद गुरुग्राम में रहने वाले लोगों और इस क्षेत्र से होकर गुजरने वाले लोगों को मानसून के दौरान जलभराव का सामना करना पड़ता था, जिससे 5 से 8 घंटों का लंबा जाम की भी खबर सामने आती थी. ऐसे में इस बरसात शहर में ऐसी कोई स्थिति न बने और लोग आराम से यात्रा कर सके, इसके लिए प्रशासन ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है.
गुरुग्राम को बरसात में डूबने से बचाने का राह में रविवार को गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (जीएमडीए) पीसी मीणा ने विभिन्न जल निकासी परियोजनाओं तथा जलभराव संभावित स्थलों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने तमाम अधिकारियों से य वक्त पर यानी मानसून सीजन में जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो.
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4.5 KM के ड्रेनेज सिस्टम का हुआ निरीक्षण
वाटिका चौक से राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के समानांतर निर्मित की जा रही लगभग 4.5 किलोमीटर लंबी लेग-4 ड्रेन निरीक्षण किया. इस ड्रेनेज सिस्टम को लेकर बताया जा रहा कि यह ड्रेन लगभग नौ मीटर चौड़ी, तीन मीटर गहरी तथा 1400 क्यूसेक वहन क्षमता वाली है. इस कार्य पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी तरह की कमी न रह जाए, जो आगे चलकर गले का कांटा बने. इस प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में सिर्फ लगभग 120 मीटर का कार्य बचा हुआ है, जिसे 15 जून तक पूरा कर लिया जाएगा. लेग-चार के संचालन में आने के बाद लेग-तीन (बादशाहपुर ड्रेन) पर पड़ने वाला दबाव कम हो जाएगा, जिससे अतिरिक्त बारिश का पानी को गेट प्रणाली की मदद से लेग-चार की ओर मोड़ा जा सकेगा.
इन जगहों पर जारी कार्यों का भी हुआ निरीक्षण
इसी के साथ जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सेक्टर 37 डी के लेग-तीन और लेग-चार मास्टर ड्रेनों को मानेसर ड्रेन से जोड़ने के लिए जारी कार्य का भी निरीक्षण किया. इसके अलावा सेंट्रल पेरिफेरल रोड (सीपीआर) के साथ स्थित 6.5 किलोमीटर लंबे आरसीसी बॉक्स ड्रेन के डी-सिल्टिंग कार्यों की भी समीक्षा की. यह ड्रेन लेग-चार से जुड़कर बरसाती पानी को नजफगढ़ ड्रेन तक पहुंचाने में मदद करेगा और एसपीआर और द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को कम करेगा. इन सभी कार्यों को लेकर अधिकारियों को तेजी लाने और मानसून से पहले पूरा करने के निर्देश गए हैं.
यहां पानी भरने की समस्या होगी खत्म
- इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद मेदांता अस्पताल रोड व आसपास के अंडरपासों तथा सेक्टर-32 क्षेत्र में जलभराव की समस्या में कमी आएगी.
- यह परियोजना एक्सप्रेसवे और सर्विस रोड के दोनों ओर जल निकासी को सुदृढ़ बनाएगी और नरसिंहपुर क्षेत्र में जलभराव की होने वाली समस्या को कम करने में अहम साबित होगी.
- अधिकारियों कहना है कि इस नई ड्रेन के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप एकत्र होने वाले बारिश के पानी को खांडसा गांव के बाहरी क्षेत्र से सीधे लेग-तीन तक पहुंचाया जाएगा. इससे पानी को हीरो होंडा चौक की दिशा में ले जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी.
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