वाहनों पर छूट से जुड़ी मुख्य जानकारी:
- हरियाणा के NCR में शामिल 14 जिलों में पुराने वाहनों को बदलने पर सरकार भारी छूट दे रही है.
- नए BS-VI, इलेक्ट्रिक और सीएनजी ट्रक-बस खरीदने पर 100% मोटर वाहन टैक्स माफ होगा.
- पुराने BS-VI, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर भी टैक्स में 50% की राहत मिलेगी.
- टैक्स में मिलने वाली यह बड़ी छूट वाहन मालिकों के लिए पूरे 10 सालों तक लागू रहेगी.
- नई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन शुल्क और पुराने वाहनों के एक साल से पेंडिंग बकाए में भी छूट मिलेगी.
हरियाणा के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आने वाले 14 जिलों के वाहन मालिकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. राज्य सरकार ने प्रदूषण कम करने और नए वाहनों को बढ़ावा देने के लिए एक शानदार योजना को मंजूरी दी है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को पास किया गया. इसके तहत पुराने ट्रकों और बसों (BS-IV या उससे पहले के मॉडल) को बदलकर नए BS-VI, इलेक्ट्रिक या सीएनजी ट्रक और बस खरीदने पर पूरा मोटर वाहन टैक्स माफ कर दिया जाएगा. यह छूट वाहन मालिकों को एक बड़ी आर्थिक राहत देने वाली है.
10 साल तक मिलेगा फायदा
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, सरकार ने सिर्फ नए वाहनों पर ही नहीं बल्कि पुराने BS-VI, इलेक्ट्रिक और सीएनजी ट्रकों व बसों की खरीद पर भी बड़ी राहत दी है. ऐसी गाड़ियों की खरीद पर मोटर वाहन टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. सबसे अच्छी बात यह है कि टैक्स में मिलने वाली यह छूट दोनों ही मामलों में पूरे 10 साल की अवधि के लिए मान्य होगी. सरकार के इस कदम से ट्रांसपोर्ट बिजनेस से जुड़े लोगों को पुराना वाहन बदलने में बहुत आसानी होगी.
यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की पेपरलेस रजिस्ट्री के दूसरे चरण की शुरुआत, आधार e-KYC को किया गया अनिवार्य
रजिस्ट्रेशन फीस में राहत और पेंडिंग बकाया भी होगा माफ
इस नई योजना के तहत सिर्फ टैक्स में ही राहत नहीं मिलेगी, बल्कि नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) के समय लगने वाली फीस में भी सरकार छूट देगी. इसके साथ ही, योजना में शामिल होने वाले उन लाभार्थियों को भी राहत मिलेगी जिनकी पुरानी गाड़ियों पर एक साल से अधिक समय से कोई देनदारी या टैक्स बकाया है, सरकार उसे भी माफ कर देगी. इस फैसले से एनसीआर के जिलों में करीब 93 हजार 458 पुराने ट्रक और 16 हजार 329 बसों को सड़क से हटाया जाएगा, जिससे हवा साफ होने में मदद मिलेगी.
कानून में हुआ बड़े बदलाव
कैबिनेट बैठक में पर्यावरण को लेकर एक और बड़ा फैसला लिया गया है. सरकार ने जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) संशोधन एक्ट 2024 को अपनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस बदले हुए कानून के लागू होने से अब पानी के प्रदूषण से जुड़े छोटे-मोटे तकनीकी या प्रक्रियात्मक उल्लंघनों के लिए सख्त आपराधिक सजा नहीं दी जाएगी. इसकी जगह अब ज्यादा संतुलित और नियमों के पालन पर आधारित तरीका अपनाया जाएगा. इस संशोधन को पूरी तरह लागू करने के लिए अब इसे राज्य विधानसभा में लाया जाएगा.
जल प्रदूषण कानून में बदलाव से जुड़ी मुख्य जानकारी:
- हरियाणा कैबिनेट ने केंद्रीय जल प्रदूषण रोकथाम और नियंत्रण संशोधन एक्ट 2024 को मंजूरी दे दी है.
- इस संशोधित कानून को पूरी तरह से लागू करने के लिए जल्द ही विधानसभा में प्रस्ताव लाया जाएगा.
- नए नियम लागू होने से पानी के प्रदूषण से जुड़े रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को और बेहतर बनाया जा सकेगा.
- छोटे-मोटे और तकनीकी नियमों के उल्लंघन पर अब सख्त आपराधिक सजा या जेल नहीं होगी.
- सजा की जगह अब ज्यादा संतुलित तरीका और जुर्माना आधारित व्यवस्था अपनाई जाएगी.
संबंधित खबरें
तेज आंधी, गर्जना के साथ बारिश... आधी रात दिल्ली-NCR में अचानक बदला मौसम
3 days agoध्रुव राठी CJP प्रदर्शन से पहले पुलिस हिरासत में, घर से किए गए डिटेन
5 days agoVIDEO : कांग्रेस के प्रदर्शन में महिला नेताओं ने एक दूसरे को जड़े थप्पड़
6 days agoHaryana Open School 10वीं परीक्षा 2026: देखें डेटशीट और एडमिट कार्ड
8 days agoदोस्त के साथ थी 13 साल की नाबालिग, चार लोगों ने पकड़कर किया गैंगरेप
11 days agoदिल्ली में जुटेगी हरियाणा BJP की पूरी फौज, PM मोदी ने MLAs को दिए 2 घंटे
12 days ago11 अक्टूबर से लागू होगा नया प्रॉपर्टी टैक्स, जानें क्या होंगे बदलाव
13 days agoगुरुग्राम में MCG की मशीन में 'ऑटोमैटिक' क्या है? लोगों ने उठाए सवाल
16 days agoगैंगस्टर ढिल्ला को शादी के लिए मिली पैरोल, गर्लफ्रेंड के साथ लेगा 7 फेरे
20 days agoहरियाणा में आवारा गोवंश के लिए 4 गौ वन, 70 हजार गायों को आश्रय
22 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines