गुरुग्राम में शुरू हुआ हरियाणा का पहला LPG सिलेंडर ATM, जानें कैसे करता है काम?
Author: Varsha Sikri
Mar 18, 2026 03:53 PM IST
देश में जारी LPG संकट के बीच हरियाणा के गुरुग्राम में गैस उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. यहां राज्य का पहला एलपीजी सिलेंडर एटीएम (LPG ATM) शुरू किया गया है, जिससे अब लोगों को गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. ये सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो बिजी लाइफस्टाइल के चलते डिलीवरी का इंतजार नहीं कर पाते. ये LPG ATM सोहना रोड पर मौजूद सेंट्रल पार्क फ्लावर वैली सोसायटी में लगाया गया है. ये एक स्मार्ट वेंडिंग मशीन की तरह काम करता है, जो उपभोक्ताओं को 2 से 3 मिनट के अंदर भरा हुआ गैस सिलेंडर उपलब्ध कराता है. इस मशीन की सबसे खास बात है कि ये24×7 काम करती है, यानी आप किसी भी समय गैस सिलेंडर ले सकते हैं.
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कैसे काम करता है LPG ATM?
इस मशीन का इस्तेमाल करने के लिए उपभोक्ता के पास भारत गैस का रजिस्टर्ड कनेक्शन होना जरूरी है. सबसे पहले ग्राहक को मशीन में अपना मोबाइल नंबर दर्ज करना होता है. इसके बाद OTP के जरिए वैरिफिकेशन किया जाता है. फिर ग्राहक अपने खाली सिलेंडर पर लगे QR कोड या बारकोड को स्कैन करता है. इसके बाद डिजिटल पेमेंट (UPI या डेबिट कार्ड) के जरिए भुगतान किया जाता है. प्रोसेस पूरी होते ही मशीन अपने आप भरा हुआ सिलेंडर बाहर निकाल देती है और खाली सिलेंडर अंदर जमा हो जाता है. इस एटीएम से मिलने वाले सिलेंडर पारंपरिक लोहे के सिलेंडर से अलग होते हैं. ये कंपोजिट सिलेंडर हल्के, रस्ट फ्री और ट्रांसपेरेंट होते हैं, जिससे गैस का लेवल आसानी से देखा जा सकता है. जहां पारंपरिक सिलेंडर भारी होते हैं, वहीं ये नए सिलेंडर आसानी से उठाए जा सकते हैं और सुरक्षित भी माने जाते हैं.
लोगों को क्या फायदा होगा?
इस मशीन से 10 किलो कंपोजिट सिलेंडर मिल रहे हैं. ये सुविधा सिर्फ रिफिल एक्सजेंच के लिए है, यानी खाली सिलिंडर देकर भरा हुआ लिया जा सकता है. नए कनेक्शन की सुविधा इसमें नहीं है. इस सुविधा से सबसे बड़ा फायदा ये है कि अब लोगों को गैस डिलीवरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. वो अपनी सुविधा के मुताबिक कभी भी सिलेंडर ले सकते हैं. इसके अलावा ये सिस्टम पूरी तरह डिजिटल और contactless है, जिससे प्रोसेस तेज और आसान हो जाता है. ये पहल फिलहाल एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई है. अगर ये सफल रहती है, तो भविष्य में इसे गुरुग्राम के बाकी इलाकों और देश के अन्य शहरों में भी लागू किया जा सकता है.
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