सूरत के हजीरा में स्थित आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील (AM/NS) प्लांट में आज उस समय हालात बेकाबू हो गए, जब कामकाज के घंटे घटाने और लंबे समय से लंबित वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हजारों कोंट्राक्ट श्रमिकों ने उग्र विरोध प्रदर्शन किया.
हजीरा स्थित AM/NS के SMP-3 प्लांट की प्रोजेक्ट साइट आज रणक्षेत्र में तब्दील हो गई. हरियाणा के पानीपत में एक कर्मचारी की मौत से जुड़े वायरल वीडियो और वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर करीब 5,000 से अधिक ठेका श्रमिकों ने काम बंद कर दिया और हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिया.
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उग्र भीड़ ने कंपनी की संपत्तियों को निशाना बनाते हुए तीन फायर फाइटर गाड़ियों में तोड़फोड़ की, वहीं चार दोपहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया. इतना ही नहीं, प्लांट के एंट्री और एग्जिट गेट पर लगे अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया. करीब 10 से अधिक वाहनों में तोड़फोड़ से पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई.
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घटना की सूचना मिलते ही सूरत क्राइम ब्रांच, एसओजी और स्थानीय पुलिस का भारी बंदोबस्त मौके पर पहुंच गया. हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को 40 से अधिक आंसू गैस के गोले दागने पड़े. कानून-व्यवस्था भंग करने के आरोप में अब तक 25 से अधिक श्रमिकों को हिरासत में लिया गया है. फिलहाल प्लांट में कड़ा पुलिस पहरा तैनात कर दिया गया है. श्रमिकों का कहना है कि वे काफी समय से वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं. इसके साथ ही काम के घंटों में किए गए बदलाव को लेकर भी उनमें भारी नाराजगी है. पानीपत की घटना ने इस आक्रोश को और भड़का दिया, जिसके बाद श्रमिकों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया.
इस पूरे मामले पर लार्सन एंड टुब्रो (L&T) की ओर से एक बयान जारी किया गया है. कंपनी ने कहा है कि “जैसे ही गुजरात सरकार द्वारा लेबर कोड का नोटिफिकेशन लागू किया जाएगा, उसके सभी नियमों को तत्काल प्रभाव से अमल में लाया जाएगा.” फिलहाल कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी और श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच समाधान को लेकर बातचीत जारी है, वहीं प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.
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