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राजकोट एयरपोर्ट के पास कैसे लगी आग, क्यों वहां फोड़े जा रहे थे पटाखे? AI की फ्लाइट को करना पड़ा डायवर्ट

Rajkot Airport: पटाखे से निकली चिंगारी से आग भड़क गई, हालांकि कुछ देर बाद ही एयरपोर्ट के फायर फाइटर्स द्वारा आग पर काबू पा लिया गया.

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एयरपोर्ट के फायर फाइटर्स द्वारा आग पर काबू पा लिया गया. (Photo: ANI)

गुजरात के राजकोट स्थित हीरासर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रनवे के पास गुरुवार को आग लगने से हड़कंप मच गया. इस घटना के चलते दिल्ली से राजकोट आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट को वडोदरा डायवर्ट किया गया, जिसमें 100 से अधिक यात्री सवार थे. प्राप्त जानकारी के मुताबिक आग उस दौरान लगी, जब रनवे के करीब पक्षियों को भगाने के लिए पटाखे फोड़े जा रहे थे. पटाखे से निकली चिंगारी से आग भड़क गई, हालांकि कुछ देर बाद ही एयरपोर्ट के फायर फाइटर्स द्वारा आग पर काबू पा लिया गया.

एयरपोर्ट के करीब क्यों फोड़े जाते हैं पटाखे?

हवाई अड्डों के आसपास पटाखे फोड़ने या तेज आवाज करने का मकसद पक्षियों को विमान के रास्ते से दूर रखना होता है. दरअसल, विमान के उड़ान भरने और उतरने के दौरान पक्षियों के टकराने का खतरा रहता है. इसे बर्ड स्ट्राइक (Bird Strike) कहा जाता है. पक्षियों के विमान से टकराने पर उसके इंजन को नुकसान पहुंच सकता है और उड़ान की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है.

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पक्षियों को रनवे और उसके आसपास से दूर भगाने के लिए पटाखों और साउंड गन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है. इनसे निकलने वाली तेज आवाज से पक्षी डरकर दूसरी जगह चले जाते हैं. इससे विमान के उड़ान भरने और उतरने के दौरान पक्षियों से टकराने की आशंका कम करने में मदद मिलती है.

आज भी पुरानी तकनीक का इस्तेमाल

हालांकि, देश के कई हवाई अड्डों पर आज भी पक्षियों को भगाने के लिए पुराने तरीकों का सहारा लिया जाता है. पटाखों और बंदूक जैसी आवाज करने वाले उपकरणों का इस्तेमाल अब भी किया जाता है. पहले विमानों के उतरने से पहले जीप से रनवे और आसपास के इलाकों में गश्त की जाती थी, ताकि पक्षियों की मौजूदगी का पता लगाया जा सके. लेकिन उड़ानों की संख्या बढ़ने के कारण हर बार इस तरह गश्त करना मुश्किल हो गया है. ऐसे में हवाई अड्डों के आसपास पक्षियों की मौजूदगी और उनसे जुड़े खतरे को नियंत्रित करना एक चुनौती बना हुआ है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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